Amit Shah: 'पाकिस्तान को घर में घुसकर मारा, आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस', राज्यसभा में गरजे अमित शाह

Edited by Pritish Sahay
Updated:
विज्ञापन

Amit Shah

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर को लेकर राज्य सभा में कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां कई परिवर्तन हुए हैं. अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद, पथराव, जबरदस्ती बंद की घटनाओं में भारी कमी आयी है. सरकार के प्रयासों से राज्य में जितना निवेश आया है.

विज्ञापन

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब दिया. शाह ने कहा कि हमारी सरकार आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. उन्होंने कहा कि बीते 10 सालों में देश की सुरक्षा और मजबूत हुई है. सरकार हर चुनौती से निपट रही है. आतंकवाद, नक्सलवाद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि हमने जम्मू कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया, जम्मू कश्मीर से धारा 370 को खत्म किया. राज्य सभा में अमित शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद 31 मार्च 2026 खत्म हो जाएगा. आकर्षक औद्योगिक नीति के कारण जम्मू कश्मीर में 12,000 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, 1.1 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए.

पाकिस्तान में घुसकर किया सर्जिकल स्ट्राइक

राज्यसभा में गृह मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वो सबसे पहले कश्मीर के बारे में बोलेंगे. शाह ने कहा कि पड़ोसी देश से आतंकवादी कश्मीर में घुस आते थे, वे यहां बम विस्फोट और हत्याएं करते थे. ऐसा कोई त्योहार नहीं था जो बिना किसी चिंता के मनाया जाता था. केंद्र सरकार का रवैया लचीला था. वे चुप रहते थे और बोलने से डरते थे. उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता थी. पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद हमने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई. हमारे सत्ता में आने के बाद भी उरी और पुलवामा पर हमले हुए. 10 दिनों के भीतर, हमने पाकिस्तान में घुसकर उन्हें एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जवाब दिया. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति वहीं से शुरू हुई.

राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा साल 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई तो हमें 2014 से पहले की कई विरासतें मिलीं. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और विकास को हमेशा तीन मुख्य मुद्दों के कारण चुनौती मिलती रही. ये तीन मुद्दे पूर्वोत्तर में उग्रवाद, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद जो तिरुपति से पशुपतिनाथ तक का सपना देखता था. इन तीन मुद्दों ने देश की शांति में बाधा डाली, देश की सुरक्षा पर सवाल उठाए और लगभग 4 दशकों तक देश के विकास की गति को बाधित किया. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सरकार आने के बाद इन मुद्दों को सुनियोजित तरीके से खत्म करने के प्रयास किए गए.

खास बातें:

गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कहा

  • नरेंद्र मोदी सरकार ने उरी और पुलवामा हमलों का 10 दिन के भीतर सर्जिकल स्ट्राइक और हवाई हमलों से पाकिस्तान को जवाब दिया.
  • जम्मू कश्मीर में 2019-24 के दौरान 40,000 सरकारी नौकरियां दी गईं.
  • मोदी सरकार के दौरान जम्मू कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में होने वाली मौतों में 70 प्रतिशत की कमी आयी.
  • जम्मू कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और वामपंथी उग्रवाद तीन नासूर थे जो देश के विकास को बाधित कर रहे थे.
  • कश्मीर में सिनेमा हॉल अब शाम में भी खुले रहते हैं. जी 20 की बैठक हुई, मुहर्रम का जुलूस भी निकला.
  • संविधान की धारा 370 को हटा कर मोदी सरकार ने संविधान निर्माताओं के ‘एक संविधान, एक ध्वज’ सपने को पूरा किया.
  • नरेंद्र मोदी सरकार की नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की रही है.

जहां मारे जाते है आतंकी वहीं उन्हें दफना दिया जाता है- अमित शाह

अमित शाह ने कहा कि सदन ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को समाप्त कर दिया. उन्होंने कहा “हमारे संविधान निर्माताओं का वह स्वप्न कि एक देश में दो प्रधान, दो विधान, दो निशान नहीं होंगे. पांच-छह अगस्त 2019 को एक प्रधान, एक विधान और एक निशान कायम हुआ.” गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष के 33 साल के शासन में वहां रात के समय सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे किंतु आज वे खुल रहे हैं. उन्होंने कहा कि 34 साल बाद वहां ताजिये के जुलूस की अनुमति दी गयी. शाह ने कहा कि पहले आतंकवादियों के मारे जाने पर बड़े-बड़े जुलूस निकलते थे किंतु आज कोई जुलूस नहीं निकलता और आतंकवादी जहां मारे जाते हैं, उनको वहीं दफना दिया जाता है.

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola