Amit Shah Meeting: मणिपुर हिंसा पर एक्शन की तैयारी, गृह मंत्री अमित शाह ने की बड़ी बैठक

Published by : Pritish Sahay Updated At : 17 Jun 2024 8:57 PM

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Amit Shah Meeting

Amit Shah Meeting: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मणिपुर में सुरक्षा स्थिति को लेकर बड़ी बैठक की. हाई लेवल मीटिंग में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला समेत कई और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. बीते एक साल से मणिपुर में हिंसा जारी है. जिसमें सैकड़ों लोग मारे गये हैं.

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Amit Shah Meeting: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को मणिपुर को लेकर हाई लेवल मीटिंग की. बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला खुफिया ब्यूरो प्रमुख तपन डेका सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे समेत कई और बड़े अधिकारी शामिल हुए. गौरतलब है कि बीते एक साल से ज्यादा समय से मणिपुर में मैतेयी और कुकी समुदाय में हिंसा का दौर चल रही है. हालांकि प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इलके बाद भी छिटपुट हिंसा की खबर सामने आ ही जा रही है. दोनों समुदाय में संघर्ष के कारण 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं.

अमित शाह ने की अधिकारियों के साथ बैठक
केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुआ बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, खुफिया विभाग के ब्यूरो प्रमुख तपन डेका, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी, मणिपुर के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, मणिपुर के मुख्य सचिव विनीत जोशी, मणिपुर के डीजीपी राजीव सिंह और असम राइफल्स के डीजी प्रदीप चंद्रन नायर शामिल हुए. गृह मंत्रालय में अमित शाह ने अधिकारियों के साथ बैठक की.

अमित शाह ने दिया निर्देश
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समग्र समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मणिपुर में हिंसा की कोई और घटना न हो. गृह मंत्रालय के मुताबिक उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी और राज्य में शांति बहाल करने के लिए रणनीतिक रूप से केंद्रीय बलों की तैनाती की जानी चाहिए. उन्होंने आगे निर्देश दिया कि हिंसा के अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.

नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार प्रतिबद्ध- अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार मणिपुर के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने राहत शिविरों में स्थिति की भी समीक्षा की, विशेषकर भोजन, पानी, दवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं की उचित उपलब्धता के संबंध में जानकारी हासिल की. शाह ने मणिपुर के मुख्य सचिव को विस्थापित लोगों के लिए उचित स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं और उनका पुनर्वास सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

सैकड़ों लोगों की जा चुकी है जान
मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. कुकी और मेइती समुदाय के संघर्ष में 220 से ज्यादा लोग मारे गये हैं. वहीं बीते सप्ताह सशस्त्र उग्रवादियों ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के अग्रिम सुरक्षा दल के काफिले पर भी हमला किया था. आग्रवादियों ने कांगपोकपी में घात लगाकर सीएम के काफिले पर हमला किया था, जिसमें एक नागरिक चालक और एक सुरक्षा अधिकारी घायल हो गए थे.

मणिपुर की राज्यपाल ने की अमित शाह मुलाकात
मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर प्रदेश की राज्यपाल अनुसूइया उइके ने कल यानी रविवार को अमित शाह से मुलाकात की थी. इस दौरान राज्यपाल ने अमित शाह से प्रदेश के हालात को लेकर गंभीर चर्चा की थी. गौरतलब है कि बहुसंख्यक मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में राज्य के पहाड़ी जिलों में आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद 3 मई, 2023 को मणिपुर में जातीय हिंसा भड़क उठी थी.

आरएसएस जाहिर कर चुकी है चिंता
गौरतलब है कि मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने 10 जून को मणिपुर में एक साल के बाद भी शांति नहीं कायम होने पर चिंता जताई थी. भागवत ने कहा था कि मणिपुर पिछले एक साल से शांति स्थापित होने की प्रतीक्षा कर रहा है. दस साल पहले मणिपुर में शांति थी. ऐसा लगा था कि वहां बंदूक संस्कृति खत्म हो गई है, लेकिन राज्य में अचानक हिंसा बढ़ गई है. भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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