अंबाला में पंजोखरा साहिब विवाद पर बवाल, हाईवे जाम के बाद पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

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प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती हरियाणा पुलिस (फोटो : ANI)

अंबाला में गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब से जुड़ा विवाद गुरुवार को हिंसक हो गया. सिख समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.

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Ambala Panjokhara Sahib dispute : हरियाणा के अंबाला में गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब से जुड़े विवाद को लेकर गुरुवार को तनाव बढ़ गया. सिख समुदाय के लोगों ने इंटरनेशनल एंटी-खालिस्तान टेररिस्ट फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ कार्रवाई और मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग गुरुद्वारे के पास जुटे और बाद में अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे की ओर बढ़ गए. कुछ समय के लिए हाईवे जाम होने से यातायात भी प्रभावित हुआ.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हाईवे पर जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर बैरिकेड हटा दिए और वैकल्पिक रास्तों से हाईवे तक पहुंच गए. इसके बाद जग्गी सिटी सेंटर के पास सड़क पर प्रदर्शन शुरू हो गया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को सड़क खाली करने के लिए समझाने की कोशिश की, लेकिन तनाव बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े.

क्या है पूरा विवाद?

विवाद की शुरुआत 7 अगस्त को गुरुद्वारा श्री पंजोखरा साहिब में गुरुपर्व समारोह के दौरान हुई घटना से हुई थी. सिख समुदाय के प्रतिनिधियों का आरोप है कि गुरुद्वारे के पास वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद गुरसिमरन सिंह मंड ने अपनी SUV श्रद्धालुओं की ओर बढ़ाई, जिससे कुछ लोग घायल हुए. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. घटना के बाद मंड और उनके बेटे भावजोत सिंह पर कथित तौर पर हमला हुआ और उनकी SUV को नुकसान पहुंचाया गया. उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी घायल होने की खबर है.

13 अगस्त तक का अल्टीमेटम

प्रदर्शनकारी मंड के खिलाफ FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद प्रशासन ने अब तक पर्याप्त कार्रवाई नहीं की. इसी मांग को लेकर समुदाय ने पहले 13 अगस्त तक कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था.

प्रदर्शन में हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश से भी लोग पहुंचे. वहीं, विवाद के बीच कुछ सिख युवाओं को हिरासत में लिए जाने का भी प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया, हालांकि बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़े जाने की बात सामने आई. फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

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आलोक पाठक

लेखक के बारे में

By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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