चारों ओर बस लाशें ही लाशें…एयर इंडिया विमान हादसे में अकेले जिंदा बचे शख्स ने सुनाई दिल दहलाने वाली दास्तां
एयर इंडिया विमान हादसा
Air India Plane Crash: अहमदाबाद एयर इंडिया विमान हादसे के 4 महीने और 22 दिन गुजर चुके हैं. लेकिन जख्म अब भी ताजे हैं. एयर इंडिया का बोइंग 787-8 विमान इसी साल 12 जून को अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था, उसमें सवार 241 लोगों को जरा भी एहसास नहीं था कि यह उनकी आखिरी उड़ान होगी. हादसे में 240 लोगों की जलकर मौत हो गई. हालांकि उस भीषण हादसे में एक शख्स जिंदा बच गया. उस शख्स का नाम विश्वास कुमार रमेश है. 4 महीने बाद बीबीसी ने उसके साथ बातचीत की और उस खौफनाक मंजर को जानने की कोशिश की. बातचीत में विश्वास ने जो बताया दिल दहला देने वाला था.
Air India Plane Crash: एयर इंडिया विमान हादसे में एक मात्र जिंदा बचे यात्री विश्वास ने बातचीत में बताया- भगवान ने उसे जिंदगी तो बख्स दी, लेकिन उसकी सारी खुशियां छीन ली. विश्वास के पास अब केवल खालीपन और दर्द भर रह गया है. वो अब तक उस खौफनाक हादसे से बाहर नहीं निकल पाये हैं.
चारों ओर केवल लाशें ही लाशें…
विमान हादसे में जिंदा बचे यात्री विश्वास ने बीबीसी के साथ बातचीत में बताया- “मैं फ्लाइट की 11ए सीट पर बैठा था, जो विमान के इमरजेंसी एग्जिट डोर के करीब था. हादसे के बाद लगा जैसे मैं मरने वाला हूं, लेकिन आंखें खोलने के बाद पता चला कि मैं अभी जिंदा हूं.” विश्वास ने आगे बताया- “मैं किसी तरह सीट बेल्ट खोलने में कामयाब रहा और पैर से एग्जिट डोर को धक्का देकर बाहर निकल गया.” बाहर निकलने के बाद विश्वास ने जो देखा दिल दहला देने वाला मंजर था. उसने बताया, “चारों ओर केवल लाशें ही लाशें थीं. यात्री और चालक दल के सदस्य जल चुके थे.”
हादसे ने सब कुछ छीन लिया : जिंदा बचे यात्री
बीबीसी के साथ बातचीत में विश्वास ने बताया कि चमत्कार ही है कि वो आज जिंदा है, लेकिन हादसे ने उसका सब कुछ छीन लिया. उसका भाई, जो उसके काफी करीब था, जिंदा जल गया. विश्वास ने बताया, अब वो अकेले अपने घर में बैठे रहते हैं. परिवार में पत्नी और बच्चे हैं, लेकिन उनसे भी बात नहीं होती है. विश्वास ने बताया, उनका पूरा परिवार सदमे में है. उनकी माता जी दरवाजे के बाहर बैठी रहती है. किसी से बात नहीं करती हैं.
12 जून 2025 को हुआ था भीषण हादसा, 260 लोगों की गई थी जान
12 जून, 2025 को एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसमें कुल 260 लोगों की जान गई थी. इनमें विमान में सवार 241 लोग और जमीन पर 19 लोगों की जान गयी.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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