आपातकाल था लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय: मोदी बोले- संविधान को कुचल दिया गया था

Edited by Satyendra Giri
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( स्रोत- सोशल मीडिया )

Prime Minister Narendra Modi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 जून 1975 आपातकाल की बरसी पर कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दौर बताते हुए संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और नागरिक अधिकारों पर हमला बताया है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार कर मोदी सरकार पर "अघोषित आपातकाल" लगाने और संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

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Prime Minister Narendra Modi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जून 1975 को लागू किए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दौर बताया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर एक पोस्ट कर कांग्रेस पर हमला बोला है.पीएम मोदी ने कहा कि उस समय संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों पर सीधा हमला किया गया था. यह दिन देश के इतिहास का काला अध्याय था.

लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं को निलंबित कर दिया गया था. अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगाए गए और राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती गिरफ्तार कर जेल में बंद किया जा रहा था. लोकतंत्र के लिए इससे बड़ा काला दौर क्या होगा.

संविधान की रक्षा करने वालों को नमन

पीएम मोदी ने उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. उन्होंने कहा कि यह दौर उन लाखों भारतीयों के साहस का प्रतीक है, जिन्होंने दबाव के बावजूद संविधान और लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठाई.

संविधान हमारी ताकत का प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संविधान 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, अधिकारों और कर्तव्यों का प्रतीक है. उन्होंने देशवासियों से संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराने की अपील की है.

संविधान हत्या दिवस की याद

पीएम मोदी ने कहा कि ‘संविधान हत्या दिवस’ हमें उस काले दौर की याद दिलाता है जब भारतीय लोकतंत्र को बुरी तरह कुचल दिया गया था. उन्होंने कहा कि यह दिन लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहने की प्रेरणा देता है.

21 महीने तक लागू रहा था आपातकाल

भारत में 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू रहा. इस दौरान केंद्र सरकार को व्यापक शक्तियां मिल गई थीं और कई संवैधानिक सुरक्षा उपायों को निलंबित कर दिया गया था.

प्रेस पर नियंत्रण और विवादित फैसले

आपातकाल के दौरान प्रेस पर कड़ा नियंत्रण रखा गया. कई संवैधानिक संशोधन किए गए, जिनसे न्यायपालिका और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की शक्तियां प्रभावित हुईं. इसी अवधि में जबरन नसबंदी अभियान भी सबसे विवादित मुद्दों में शामिल रहा.

कांग्रेस ने बीजेपी पर किया पलटवार

कांग्रेस ने पीएम मोदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार पर पिछले 11 वर्षों के शासनकाल में संसद को कमजोर करने, न्यायपालिका और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि देश में अब एक “अघोषित आपातकाल” (undeclared emergency) लगा हुआ है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और अन्य वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा पुरानी बातों (1975 के आपातकाल) का बार-बार इस्तेमाल कर रही है.

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