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Agriculture: जीएसटी दरों में कमी से किसान और सहकारी संस्थाओं की आय में होगी वृद्धि

Updated at : 06 Sep 2025 4:22 PM (IST)
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Farmers News

जीएसटी दर में कमी से सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण उद्योग सहित 10 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ होगा साथ ही सहकारी क्षेत्र के मजबूत होने और उनके उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी.

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Agriculture: आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) की दरों में व्यापक बदलाव करने का फैसला लिया है. केंद्र सरकार के इस फैसले से किसानों को भी काफी फायदा होगा. जीएसटी दर में कमी से सहकारी संस्थाओं, किसानों और ग्रामीण उद्योग सहित 10 करोड़ से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ होगा. जीएसटी में  सुधार से सहकारी क्षेत्र के मजबूत होने और उनके उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी. इस फैसले से सहकारी उत्पादों की मांग बढ़ेगी और किसानों की आय में इजाफा होगा. ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सहकारिताओं को प्रोत्साहित करेगा और लाखों परिवारों के लिए आवश्यक वस्तुएं किफायती कीमत पर उपलब्ध होगी. 

मंत्रालय के मुताबिक 

जीएसटी दर में कटौती खेती और पशुपालन के क्षेत्र से जुड़ी सहकारिता संस्था को भी सशक्त बनाने का काम करेंगी और इससे  टिकाऊ खेती की प्रथाओं को बढ़ावा मिलेगी और छोटे किसानों तथा किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सीधा लाभ मिलेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए जीएसटी सुधार से पूरे दुग्ध सहकारी क्षेत्र को फायदा होगा. दुग्ध क्षेत्र में किसानों और उपभोक्ताओं को वस्तु सेवा कर में सीधे राहत दी गई है. दूध और पनीर ब्रांडेड या स्थानीय को को जीएसटी से मुक्त किया गया है. मक्खन, घी और ऐसे ही अन्य उत्पादों पर जीएसटी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है. लोहे, स्टील और एल्युमिनियम से बने दूध के कनस्तरों पर भी जीएसटी 12 फीसदी से से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है.


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती


सरकार के जीएसटी दरों में कमी से दुग्ध उत्पादन अधिक प्रतिस्पर्धी होंगे, दुग्ध किसानों को सीधी राहत मिलेगी और दूध प्रसंस्करण में लगी महिला-नेतृत्व वाली ग्रामीण उद्यमशीलता तथा स्वयं सहायता समूह को मजबूती मिलेगी. किफायती दुग्ध उत्पाद घर-घर में आवश्यक प्रोटीन और वसा स्रोत उपलब्ध कराएंगे और दुग्ध सहकारिताओं की आय बढ़ाने का काम करेंगे. कम जीएसटी से खाद्य पदार्थों पर घरेलू खर्च घटेगा, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी. खाद्य प्रसंस्करण एवं दुग्ध सहकारिताओं की वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा और इससे खाद्य प्रसंस्करण और दुग्ध प्रसंस्करण सहकारिता तथा निजी डेयरियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी.


सरकार ने पैकिंग पेपर, डिब्बे और पेटियों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है, जिससे सहकारिताओं और खाद्य उत्पादों के लिए लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग लागत कम होगी. कृषि यंत्र क्षेत्र में 1800 सीसी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर जीएसटी घटाकर 5 फीसदी किया गया है और इससे ट्रैक्टर अधिक किफायती होंगे और इसका लाभ केवल फसल उत्पादक किसानों को ही नहीं बल्कि पशुपालन और मिश्रित खेती करने वालों को भी मिलेगा.

ट्रैक्टर का उपयोग चारे की खेती, चारे के परिवहन और कृषि उत्पादन प्रबंधन में किया जा सकता है. ट्रैक्टर के टायर, ट्यूब, हाइड्रोलिक पंप और अन्य अनेक पुर्जों पर जीएसटी 18 फीसदी से से घटाकर 5 फीसदी किया गया है, जिससे लागत और घटेगी और सहकारिताओं को सीधा लाभ होगा. किसानों के लिए उर्वरक जैसे अमोनिया, सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल जैसे प्रमुख कच्चे माल पर जीएसटी 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया गया है. उर्वरक कंपनियों की इनपुट लागत घटेगी, किसानों को बुवाई के समय पर किफायती कीमत पर उर्वरक उपलब्ध होंगे. कीटनाशकों पर भी जीएसटी को कम किया गया है. 

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Vinay Tiwari

लेखक के बारे में

By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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