Abhishek Manu Singhvi : 500 का एक नोट रखने वाले अभिषेक मनु सिंघवी की सीट पर कैसे पहुंचा नोटों का बंडल?

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 Dec 2024 11:58 AM

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राज्यसभा में हंगामा

Abhishek Manu Singhvi : राज्यसभा में नोटों की गड्डियों को लेकर हंगामा मच गया. इसमें अभिषेक मनु सिंघवी का नाम आया है. जानें आरोप पर क्या बोले सांसद.

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Abhishek Manu Singhvi : राज्यसभा में नोटों की गड्डियों पर हंगामा मच गया. सभापति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को सदन को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि नियमित एंटी-सैबोटेज जांच के दौरान सदन के अंदर से रुपयों की गड्डी मिली है. नकदी सीट नंबर 222 के नीचे से मिली. यह वर्तमान में तेलंगाना से निर्वाचित कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित किया गया है. मामले की जांच चल रही है. इस घोषणा से सदन में हंगामा मच गया.

कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे को इस मामले पर राज्यसभा में बोलने की अनुमति दी गई. उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और जबतक सच सामने नहीं आ जाता, हमें किसी भी सदस्य का नाम नहीं लेना चाहिए. धनखड़ ने कहा, “मैं यह भी नहीं कह सकता कि करेंसी नोट असली हैं या नहीं..” इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने चर्चा में शामिल होकर कहा कि डिजिटल इंडिया के युग में “क्या नकदी का बंडल ले जाना उचित है?”

अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या दी प्रतिक्रिया?

अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैं राज्यसभा में जाते समय केवल 500 का एक नोट अपने साथ रखता हूं. गुरुवार को मैं ठीक 12:57 बजे सदन में पहुंचा था. सदन 1 बजे स्थगित होने के बाद मैं कैंटीन में 1:30 बजे तक बैठा रहा. फिर संसद परिसर से चला गया.

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न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सिंघवी ने कहा,”गुरुवार को मैं सदन में कुल 3 मिनट और कैंटीन में 30 मिनट रहा. मुझे यह अजीब लगता है कि ऐसे मुद्दों पर भी राजनीति की जाती है. बेशक इस बात की जांच होनी चाहिए कि लोग कैसे कहीं भी किसी भी सीट पर कुछ भी रखकर चले जा रहे हैं. इसका मतलब है कि हममें से हर किसी के पास एक सीट होनी चाहिए, जहां सीट को लॉक किया जा सके और चाबी सांसद अपने साथ ले जा सकें.”

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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