Supreme Court on SIR: 'विश्वास की कमी का मामला…' SIR मामले पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Aug 2025 7:37 PM

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court on SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े विवाद को मोटे तौर पर विश्वास की कमी का मुद्दा बताया है. इसी को लेकर निर्वाचन आयोग ने दावा किया कि कुल 7.9 करोड़ मतदाताओं में से करीब 6.5 करोड़ लोगों को कोई दस्तावेज दाखिल करने की जरूरत नहीं थी, क्योंकि वे या उनके माता-पिता 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे.

विज्ञापन

Supreme Court on SIR: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद को मोटे तौर पर विश्वास की कमी का मुद्दा करार दिया. चुनाव आयोग ने दावा किया कि 7.9 करोड़ मतदाताओं में से करीब 6.5 करोड़ लोगों को कोई दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं पड़ी. क्योंकि वे या उनके माता-पिता 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं से सवाल करते हुए कहा कि यह “काफी हद तक विश्वास की कमी का मामला प्रतीत होता है, कुछ और नहीं.” याचिकाकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के 24 जून के एसआईआर के फैसले को इस आधार पर चुनौती दी है कि इससे एक करोड़ मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिकाकर्ता और आरजेडी नेता मनोज झा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से कहा “यदि 7.9 करोड़ मतदाताओं में से 7.24 करोड़ मतदाताओं ने एसआईआर (SIR) पर जवाब दिए हैं, तो इससे एक करोड़ मतदाताओं के लापता होने या मताधिकार से वंचित होने का सिद्धांत ध्वस्त हो जाता है.”

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के फैसले से जताई सहमति

सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सहमति जताई कि आधार और मतदाता पहचान पत्र को नागरिकता के निर्णायक प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा और कहा कि इसके समर्थन में अन्य दस्तावेज भी होने चाहिए. (भाषा इनपुट के साथ)

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola