ePaper

कर संग्रहण की देखरेख बेहद सावधानी से होनी चाहिए : प्रणब

Updated at : 21 Mar 2017 10:19 PM (IST)
विज्ञापन
कर संग्रहण की देखरेख बेहद सावधानी से होनी चाहिए : प्रणब

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि राजस्व संग्रहण के ‘पर्स’ की देखरेख बेहद सावधानी से होनी चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए होता हैं राष्ट्रपति भवन में भारतीय राजस्व सेवा :आईआरएस: के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि अधिकारियों की भूमिका अब नियामक […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि राजस्व संग्रहण के ‘पर्स’ की देखरेख बेहद सावधानी से होनी चाहिए क्योंकि इसका इस्तेमाल महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए होता हैं राष्ट्रपति भवन में भारतीय राजस्व सेवा :आईआरएस: के प्रशिक्षु अधिकारियों से बातचीत में मुखर्जी ने कहा कि अधिकारियों की भूमिका अब नियामक और प्रशासक से किसी चीज को सुगमता से कराने में सहयोग करने की हो गई है.

राष्ट्रपति ने कहा कि राजस्व संग्रहण का रखरखाव बेहद सावधानी से होना चाहिए, क्योंकि इसका इस्तेमाल सभी विकास और कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में होता है. उन्होंने कहा कि हाल के बरसों में भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से विस्तार हुआ है. देश में कुल कर राजस्व में आयकर का महत्वपूर्ण हिस्सा है. 2000-01 में कुल कर संग्रहण में प्रत्यक्ष करों का हिस्सा 36 प्रतिशत था, जो 2015-16 में बढकर 50 प्रतिशत हो गया.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola