पुलिस की वर्दी पहनकर अपनी बेटी के घर पहुंचे अहमदाबाद के कारोबारी महेश शाह, तस्वीर वायरल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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अहमदाबाद : अहमदाबाद के कारोबारी महेश शाह से आज आयकर विभाग फिर पूछताछ करेगा. विभाग ने उन्हें 11:30 बजे पेश होने को कहा है. आइडीएस के तहत 13,860 करोड़ की बेहिसाबी आमदनी की घोषणा कर चर्चा में आये अहमदाबाद के प्रॉपर्टी डीलर महेश शाह को रविवार सुबह आयकर विभाग ने पूछताछ के बाद घर जाने दिया. शाह से शनिवार रात भर पूछताछ हुई. शाह ने पूछताछ में बताया कि उन्हें ‘मुखौटे' के रूप में इस्तेमाल किया गया है. यह पैसा मेरा नहीं राजनेताओं और कारोबारियों का है.

शाह का बयान दर्ज करने की प्रक्रिया सोमवार को फिर शुरू की जायेगी. उनकी जान को खतरे की आशंका के मद्देनजर घर के बाहर दो गार्ड तैनात किये गये हैं. कर्ज से लदे शाह ने कमीशन के फेर में दूसरों की राशि को अघोषित आय बता कर खुलासा किया. शाह एक बार फिर रविवार को उस वक्त चर्चा में आ गए जब पुलिस की वर्दी में पुलिस ने उन्हें बेटी के घर छोड़ा. पुलिस कीवर्दी में उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो चुकी है. टीवी रिपार्ट के अनुसार पुलिस ने सफाई देते हुए कहा है कि उनकी सुरक्षा को देखते हुए ऐसा किया गया.

इधर अहमदाबाद के बाद मुंबई भी रविवार को ऐसे मामले को लेकर चर्चा में रहा. आयकर विभाग ने सितंबर में समाप्त आय खुलासा योजना (आइडीएस) के तहत मुंबई के एक परिवार की दो लाख करोड़ रुपये तथा अहमदाबाद के व्यापारी की विवादास्पद 13,860 करोड़ रुपये की घोषणा को खारिज कर दिया है. इस बारे में जांच जारी है, ताकि उनके झूठे दावे के इरादे का पता लगाया जा सके. वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘जो घोषणा प्राप्त हुई है, उसमें उच्च मूल्य की दो घोषणाओं को उक्त आंकड़े में शामिल नहीं किया गया. इसका कारण उसका संदिग्ध पाया जाना था, क्योंकि उनकी घोषणा करनेवाले छोटे संसाधन वाले लोग हैं.' इस तरह दो लाख 13 हजार 860 करोड़ की दो संदिग्ध खुलासों की जांच शुरू की गयी है.

मुंबई में एक परिवार के चार लोगों ने कुल दो लाख करोड़ रुपये की आय का खुलासा किया था. इनमें अब्दुल रज्जाक मोहम्मद सईद, उनका बेटा मोहम्मद आरिफ अब्दुल रज्जाक सईद, पत्नी रुखसाना अब्दुल रज्जाक सईद तथा बहन नूरजहां मोहम्मद सईद शामिल हैं. इन लोगों ने अपना पता बांद्रा में लिंकिंग रोड पर जुबली कोर्ट के पास 269-बी, टीपीएस-तीन, फ्लैट संख्या चार दर्ज कराया है. आयकर ने प्रारंभिक जांच में पता लगाया कि इनकी आर्थिक हैसियत उतनी नहीं है, जितनी इन लोगों ने आय का खुलासा किया है. चार पैन नंबर मूल रूप से अजमेर के थे और वे सितंबर, 2016 में मुंबई पहुंचे थे, जहां उन्होंने आय की यह घोषणा की थी. मंत्रालय ने कहा, ‘आयकर विभाग ने 30 नवंबर को दो लाख करोड़ रुपये और 13,860 करोड़ रुपये की इन घोषणाओं को खारिज कर दिया. विभाग ने इसकी घोषणा करनेवालों के खिलाफ जांच शुरू की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि झूठी घोषणा के पीछे क्या इरादा था.'

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