जम्मू कश्मीर के स्कूलों में आग लगाये जाने मामले पर हाइकोर्ट ने लिया संज्ञान

Published at :31 Oct 2016 4:46 PM (IST)
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जम्मू कश्मीर के स्कूलों में आग लगाये जाने मामले पर हाइकोर्ट ने लिया संज्ञान

श्रीनगर : जम्मू कश्मीरहाइकोर्ट ने घाटी में स्कूलों को जलाने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है.जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट के डिवीजन बेंच ने कहा कि मुख्य सचिव व डीजीपी इनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठायें. अदालत ने यह भी कहा कि डीसी व एसएसपी इस मामले को गंभीरता से लें और हर स्कूलों की […]

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श्रीनगर : जम्मू कश्मीरहाइकोर्ट ने घाटी में स्कूलों को जलाने के मामले का स्वत: संज्ञान लिया है.जम्मू कश्मीर हाइकोर्ट के डिवीजन बेंच ने कहा कि मुख्य सचिव व डीजीपी इनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठायें. अदालत ने यह भी कहा कि डीसी व एसएसपी इस मामले को गंभीरता से लें और हर स्कूलों की सुरक्षा की लिए हर जरूरी कदम उठायें. ज्ञात हो कि बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद घाटी में भड़की हिंसा अब भी बदस्तूर जारी है. कश्मीर में लागतार जारी हिंसा के बीच अबतक 25 शिक्षण संस्थान आग के हवाले किये जा चुके हैं.

कल अनंतनाग जिले के एशमुकाम स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय को आतंकियों ने आग के हवाले कर दिया. स्कूलों में आग लगाये जाने व विद्यालय के लगातार बंद रहने से विद्यार्थी एक्जाम नहीं दे पा रहे हैं. अभिभावकों के मुताबिक कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठ नहीं पा रहे हैं क्योंकि वो 10+2 का एक्जाम नहीं दे पाये हैं. राज्य सरकार ने कहा है कि स्कूल खुलें या न खुलें, वह नवंबर के अंत तक सभी कक्षाओं की परीक्षा हर हाल में कराएगी.

अलगाववादी नेता गिलानी की पोती ने दियाथाएक्जाम

पिछले दिनों अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानीकी पोती के परीक्षा देने की खबर आयी थी, जिसकालोगों ने विरोध किया था. स्थानीय लोगों का कहना था कि परीक्षा नहीं देने व बच्चों को पढ़ने से रोकने की अपील से बच्चों का भविष्य खराब होगा. स्थानीय लोगों ने कहा थाकि कश्मीर घाटी में स्कूल खुलना चाहिए. लोगों ने कहा था कि गिलानी साहब की पोती है, तो वह एक्जाम दे रही हैऔर हमारे बच्चों का भविष्यक्यों खराब कर रहे हैं. मालूम हो कि जब कश्मीर घाटी में बंद के दौरान सारे स्कूल बंद थे, तब श्रीनगर का डीपीएस स्कूल खुला वहां था, जहां सैयद अली शाह गिलानी की पोती पढ़ती है, वह आराम से परीक्षा में शामिल हुई.

अलगाववादियों ने स्कूल भी बंद करवाये व कई स्कूलों को नुकसान भी पहुंचाया. लेकिन, इस बुरे हाल में भी श्रीनगर का दिल्ली पब्लिक स्कूल यानी डीपीएस खुला रहा व वहां बच्चे आराम से परीक्षा देते रहे. ऐसा इसलिए संभव हो सका क्योंकि यहां हुर्रियत कान्फ्रेंस के नेता सैयद अली शाह गिलानी की पोती पढ़ती है.

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