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जयललिता के इलाज के लिए फिर ब्रिटेन से आए डॉक्‍टर, PM मोदी जा सकते हैं मिलने

Updated at : 13 Oct 2016 4:59 PM (IST)
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जयललिता के इलाज के लिए फिर ब्रिटेन से आए डॉक्‍टर, PM मोदी जा सकते हैं मिलने

चेन्‍नई : यहां के अपोलो अस्‍पताल में भर्ती तमिलनाडु की सीएम जे. जयललित की सेहत को लेकर अटकलों का दौर जारी है. उनकी सेहत को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं होने की वजह से कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. पुलिस ने ऐसे कुछ मामलों में केस भी दर्ज किए हैं. जयललिता की सेहत पर […]

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चेन्‍नई : यहां के अपोलो अस्‍पताल में भर्ती तमिलनाडु की सीएम जे. जयललित की सेहत को लेकर अटकलों का दौर जारी है. उनकी सेहत को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं होने की वजह से कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. पुलिस ने ऐसे कुछ मामलों में केस भी दर्ज किए हैं. जयललिता की सेहत पर नजर रख रहे ब्रिटिश एक्सपर्ट डॉ. रिचर्ड बेली गुरुवार को एक बार फिर अपोलो अस्पताल पहुंच गये हैं. आज उम्‍मीद है एक और मेडिकल बुलेटिन जारी किया जायेगा. इसी बीच सूत्रों को कहना है के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी जल्‍द ही जयललिता का हाल जानने अपोलो अस्‍पताल जा सकते हैं.

बुधवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह चेन्‍नई के अपोलो अस्‍पताल पहुंचे और जयललिता का हाल जाना. ब्रिटेन से आए डा. बेली ने बीते 6 अक्टूबर को भी जयललिता की सेहत पर अपनी राय दी थी. अन्‍नाद्रमुक की नेता सीआर सरस्वती ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता बहुत अच्छी तरह से रिकवरी कर रही है, उसके स्वास्थ्य के बारे में किसी भी झूठी खबर पर ध्‍यान नहीं दें. जयललिता के समर्थन अजब-गजब अंदाज में उनके स्‍वस्‍थ होने की मन्‍नत मांगते देखे जा सकते हैं. अपोलो अस्‍पताल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है.

जयललिता का इलाज शुरू होने के बाद पिछले 20 दिनों में अपोलो अस्पताल की बुलेटिन में बताने से ज्यादा चीजें छुपाई गई हैं. अस्पताल की ओर से 08 अक्तूबर को जारी बुलेटिन में कहा गया था कि डॉक्टरों की एक टीम मुख्यमंत्री की सेहत पर लगातार निगाह रख रही है. उनके फेफड़ों का इलाज चल रहा है. उन्हें पोषण देने के साथ सहायक चिकित्सा भी दी जा रही है. बुलेटिन में सिर्फ मुख्यमंत्री को दिए जा रहे इलाज के बारे में बताया गया, उनके स्‍वास्‍थ के बारे में और बीमारी के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया.

इससे पहले 22 सितंबर को अस्पताल में भर्ती किए जाने के दूसरे दिन जारी बुलेटिन में कहा गया था कि मुख्यमंत्री को अब बुखार नहीं है और वह सामान्य रूप से भोजन ले रही हैं. वहीं, 10 अक्तूबर को जारी आखिरी बुलेटिन में बताया कि उन्हें सांस लेने के लिए जरूरी सहारा दिया जा रहा है. इसी बीच कुछ लोगों ने जयललिता के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर मनगढंत बातें भी सोशल मीडिया पर शेयर की. अन्नाद्रमुक की ओर से इन अफवाहों का खंडन किया गया और पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया.

11 अक्टूबर को तमिलनाडु के राज्यपाल सी विद्यासागर राव ने जयललिता के सारे विभाग वित्त मंत्री ओ पनीरसेल्वम को सौंप दिए. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि जयललिता मुख्यमंत्री के पद पर बनी रहेंगी. जयललिता के लिए पूरे तमिलनाडु के लोग प्रार्थना कर रहे हैं. मंदिरों में हवन आदि किये जा रहे हैं. कई समर्थक तो जान की बाजी लगाकर मन्‍नत मांग रहे हैं.

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