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पाकिस्तान दौरे पर जा सकते हैं पीएम मोदी, उच्चायुक्त ने दिये संकेत

Updated at : 06 Sep 2016 5:58 PM (IST)
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पाकिस्तान दौरे पर जा सकते हैं पीएम मोदी, उच्चायुक्त ने दिये संकेत

इस्लामाबाद : एक प्रमुख समाचार पत्र ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बम्बावाले के हवाले से आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद की यात्रा को लेकर उत्सुक हैं. यह बयान भारत सरकार को असहज स्थिति में डाल सकता है.यह टिप्पणी द्विपक्षीय संबंधों में आयी नई खटास के बीच आयी […]

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इस्लामाबाद : एक प्रमुख समाचार पत्र ने पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बम्बावाले के हवाले से आज कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद की यात्रा को लेकर उत्सुक हैं. यह बयान भारत सरकार को असहज स्थिति में डाल सकता है.यह टिप्पणी द्विपक्षीय संबंधों में आयी नई खटास के बीच आयी है. भारत सरकार के सूत्रों ने इस बयान को तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि नवंबर में होने वाले शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री के शामिल होने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है.

बम्बावाले कल ‘कराची काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ द्वारा आयोजित एक संवाद सत्र में बोल रहे थे. डॉन न्यूज ने उनके हवाले से कहा, ‘‘मैं भविष्य के बारे में नहीं कह सकता लेकिन आज की स्थिति में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी साल नवंबर में दक्षेस शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद की यात्रा को लेकर आशान्वित हैं.” उनकी इस टिप्पणी से हलचल पैदा हो गयी क्योंकि आतंकवाद और कश्मीर की स्थिति को लेकर हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तीखा वाकयुद्ध हुआ है. भारत ने जहां पाकिस्तान पर सीमा पार से आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाया है वहीं पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय रुप देने का प्रयास कर रहा है और उसने नई दिल्ली पर मानवाधिकार के उल्लंघन का आरोप लगाया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कल ही चीन में समूह..20 शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला और कहा कि दक्षिण एशिया में एकमात्र देश ‘‘आतंक के एजेंट” का प्रसार कर रहा है. उन्होंने मांग की कि जो आतंकवाद को प्रायोजित कर रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत करने के बदले प्रतिबंधित और अलग थलग किया जाना चाहिए.

डॉन न्यूज के अनुसार बम्बावाले ने कहा कि हालांकि दोनों देशों के बीच काफी तनाव है, लेकिन संचालनात्मक स्तर पर संपर्क रहे हैं.बम्बावाले ने वृहद द्विपक्षीय व्यापार संबंधों का आह्वान किया और कहा कि राजनीतिक मुद्दों के हल में समय लगेगा.

उन्होंने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तान द्वारा इसमें हस्तक्षेप करने के लिए निशाना साधा और संवाद कार्यक्रम में कहा कि जो खुद शीशे के घरों में रहते हों उन्हें दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में बलूचिस्तान पर बयान को लेकर बम्बावाले ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री ने, 15 अगस्त के अपने संबोधन में, केवल उन पत्रों का जिक्र किया था जो उन्हें प्राप्त हुए थे।” उन्होंने कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान दोनों में समस्याएं हैं और आपको :पाकिस्तान को: अन्य देशों की समस्याओं की ओर झांकने की बजाय अपनी समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि भारत सरकार कहती रही है, ‘‘हमें आतंकवाद के जड से सफाए के लिए मिलकर काम करना चाहिए जो न सिर्फ पाकिस्तान, बल्कि भारत और विश्व के लिए भी सिरदर्द है.” बम्बावाले ने कहा कि दोनों देशों को महज एक मुद्दे पर नहीं, बल्कि सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए.

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