पाकिस्तान में भारतीय पत्रकारों को दक्षेस बैठक स्थल के द्वार पर भी नहीं खड़े होने दिया गया
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Aug 2016 1:46 PM
नयी दिल्ली :पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हाल ही में संपन्न दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन को कवर करने के लियेगये भारतीय पत्रकारों को पाकिस्तानी अधिकारियों के द्वेषपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ा. जिन्होंने उन्हें न केवल उद्घाटन समारोह में जाने से रोका बल्कि उन्हें बैठक स्थल के उस प्रवेश द्वार पर भी नहीं […]
नयी दिल्ली :पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हाल ही में संपन्न दक्षेस देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन को कवर करने के लियेगये भारतीय पत्रकारों को पाकिस्तानी अधिकारियों के द्वेषपूर्ण रवैये का सामना करना पड़ा. जिन्होंने उन्हें न केवल उद्घाटन समारोह में जाने से रोका बल्कि उन्हें बैठक स्थल के उस प्रवेश द्वार पर भी नहीं खड़े होने दिया. जहां उनके गृह मंत्री अतिथियों का स्वागत कर रहे थे. पाक अधिकारियों के इस रवैयेको लेकर तनाव उत्पन्न हो गया था.
यह बैठक कवर करने के उद्देश्य से पाकिस्तान जाने के लिए छह भारतीय पत्रकारों को वीजा दिया गया था. इन पत्रकारों को बैठक के उद्घाटन समारोह में जाने से साफ मना कर दिया. बैठक में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने हिस्सा लिया था. इसके बाद भारतीय पत्रकार उस प्रवेश द्वार पर खड़े हो गये. जहां पाकिस्तानी गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान दक्षेस देशों से आये अतिथियों की अगवानी कर रहे थे.
जब पाकिस्तानी मीडिया ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह के आने पर उनकी तस्वीरें लेने के लिए पोजीशन ली तो भारतीय पत्रकारों ने भी ऐसा ही किया. लेकिन उसी समय पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनसे रुखाई से, उस जगह से हट जाने को कहा. उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारों को द्वार के बाहर भी खड़े होने की अनुमति नहीं है.
जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने दूरदर्शन के छायाकार आर जयश्री पुरी और एएनआइ के अजय कुमार शर्मा से उनके कैमरे हटाने को कहा तो एक वरिष्ठ भारतीय राजनयिक ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की और विरोध जताया. राजनयिक ने गुस्से में कहा कि भारतीय छायाकारों को सिंह के आगमन के पलों को कवर करने के लिए द्वार के समीप खड़े होने की अनुमति दी जाये क्योंकि पाकिस्तानी पत्रकार, वीडियो और स्टिल कैमरों वाले छायाकार मौजूद हैं और बिना रोकटोक के तस्वीरें ले रहे हैं.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि भारतीय पत्रकारों को तुरंत वहां से जाना होगा. इसके बाद राजनयिक और एक पाकिस्तानी अधिकारी के बीच तकरार भी हुई. इतना ही नहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने जूनियरों को इस तरह खड़े होने को कहा कि भारतीय पत्रकार तस्वीरें न ले सकें. और जल्द ही भारतीय पत्रकारों तथा छायाकारों को कई व्यक्तियों ने इस तरह से घेर लिया कि उनके लिए कोई भी तस्वीर लेना नामुमकिन हो गया. घेरने वाले व्यक्ति सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी लग रहे थे.
घिरे होने की वजह से भारतीय पत्रकार उन पलों से पूरी तरह अनजान रह गये जब सिंह ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष के साथ हाथ मिलाया. हालांकि कुछ क्षणों की इस औपचारिकता ने ही दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ता ठंडापन जाहिर कर दिया.
दक्षेस प्रोटोकॉल के अनुसार, मेजबान देश के उद्घाटन भाषण को मीडिया द्वारा कवर किया जाता है जबकि शेष कार्रवाई बंद कमरे में होती है. पाकिस्तानी प्रतिष्ठान स्थानीय मीडिया में यह खबर फैला रहे हैं कि जब बैठक हो रही थी तब दिल्ली फोन करने के लिए भारतीय गृह मंत्री आठ बार वाशरुम गये.
वास्तविकता यह है कि वाशरुम उस सभागार के बाहर था जहां बैठक हुई. गृह मंत्री ने इसका उपयोग दो बार किया. एक बार तब जब सिंह तथा उनके दक्षेस समकक्षों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से सद्भावनावश मुलाकात की और मंत्रियों की बैठक औपचारिकरूप से शुरू होने से पहले. दूसरी बार तब जब बैठक खत्म हो गयी.
इसके अलावा गृह मंत्री अपने साथ कोई सेलफोन नहीं रखते. यहां तक कि भारत में भी जब जरुरत पड़ती है, तो वह अपने सहायकों के सेलफोन का उपयोग करते हैं.
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