शर्मनाक बयान: दयाशंकर पर कोई ‘दया'' नहीं, मायावती बोलीं- गिरफ्तार करो

Published at :21 Jul 2016 7:44 AM (IST)
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शर्मनाक बयान: दयाशंकर पर कोई ‘दया'' नहीं, मायावती बोलीं- गिरफ्तार करो

मऊ /नयी दिल्ली : भाजपा के लिए बुधवार को उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गयी, जब उत्तर प्रदेश के पार्टी के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, जिसकी सभी दलों ने कड़ी निंदा की. भाजपा ने खेद जताया, लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए पार्टी ने अपने इस […]

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मऊ /नयी दिल्ली : भाजपा के लिए बुधवार को उस वक्त असहज स्थिति पैदा हो गयी, जब उत्तर प्रदेश के पार्टी के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, जिसकी सभी दलों ने कड़ी निंदा की. भाजपा ने खेद जताया, लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए पार्टी ने अपने इस नेता को सभी पदों से हटाने का एलान किया. इस बीच इस मुद्दे पर हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी बाधित रही. सभी सदस्यों ने इसकी निंदा की. लखनऊ में दयाशंकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, वहीं बसपा ने उनकी गिरफ्तारी की मांग पर गुरुवार को प्रदर्शन का एलान किया है.

उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह के बयान से विवाद उस वक्त खड़ा हुआ, जब पार्टी गुजरात में मरी गाय की खाल उतारने को लेकर दलितों की पिटाई के मामले को लेकर पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है. मालूम हो कि भाजपा नेता दयाशंकर सिंह ने मऊ में मायावती के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि वह कांशीराम के सपने को चूर-चूर कर रही हैं. आरोप लगाया कि मायावती टिकट बेचती हैं. टिप्पणी से काफी क्षुब्ध बसपा प्रमुख ने कहा कि पूरा देश भाजपा को माफ नहीं करेगा. यह टिप्पणी पूंजीवादी मानसिकता को दर्शाता है. मामले के तूल पकड़ने के बाद दयाशंकर ने हालांकि अपने बयान के लिए माफी मांग ली. दावा किया कि उनकी जुबान फिसल गयी और वह मायावती का सम्मान करते हैं. वैसे सिंह ने माफी मांगने में देर कर दी, क्योंकि उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने एलान किया कि दयाशंकर सिंह को सभी पदों से मुक्त कर दिया गया है. पार्टी में इस तरह की भाषा के लिए कोई स्थान नहीं है.

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा दलितों को लुभाने की कोशिश में है. उम्मीद है कि सिंह के खिलाफ कार्रवाई से उसको नुकसान नहीं होगा. इस बीच भाजपा नेता की टिप्पणी की महिला सांसदों सहित राज्यसभा के सदस्यों ने कड़ी निंदा की. उपसभापति पीजे कूरियन ने कहा कि सदन चाहता है कि सरकार भाजपा नेता के खिलाफ उनकी अक्षम्य टिप्पणी के लिए कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे. राज्यसभा में सदन के नेता अरुण जेटली ने पार्टी की तरफ से खेद जताया और कहा कि बयान काफी निंदनीय है, हालांकि मायावती नहीं मानी और बयान देने वाले नेता को पार्टी से बाहर निकालने व उन्हें गिरफ्तारी करने की मांग की. सदन में मौजूद मायावती ने टिप्पणी की निंदा करने के लिए जेटली व अन्य सदस्यों को धन्यवाद दिया. साथ ही मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह सहित भाजपा नेता मामले पर चर्चा करें और सिंह को पार्टी से निष्कासित करें.

हजरतगंज थाने में केस दर्ज
बसपा ने पार्टी मुखिया मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में भाजपा नेता दयाशंकर सिंह के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. बसपा नेता मेवालाल गौतम की तरफ से दर्ज प्राथमिकी में सिंह के खिलाफ अनुचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम तथा भारतीय दंड सहिता की धाराएं लगायी गयी हैं. प्राथमिकी के साक्ष्य के रूप में सिंह द्वारा मऊ में मायावती के खिलाफ की गयी टिप्पणी की रिकॉर्डिंग की सीडी भी प्रस्तुत की गयी है.

मऊ में दयाशंकर सिंह बोले
मायावती कांशीराम के सपने को चूर-चूर कर रही हैं. मायावती … की तरह टिकट बेच रही हैं. आरोप लगाया कि मायावती एक करोड़ रुपये में टिकट बेचती हैं और अगर किसी ने दो करोड़ रुपये दे दिये तो एक घंटे के अंदर वह इसे दो करोड़ में बेच देती हैं. अगर शाम तक किसी ने तीन करोड़ रुपये दे दिये, तो वह उसी को टिकट दे देती हैं. सिंह ने कहा कि वह … से भी बदतर हैं. कांशीराम के समय से बसपा के लिए काम कर रहे इसके कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं.

राज्यसभा में बिफरीं माया: मैंने विवाह नहीं किया, उत्पीड़ित वर्ग को अपना परिवार समझा
टिप्पणी पर क्षोभ जताते हुए मायावती ने कहा कि जिसने भी यह टिप्पणी की है, अपनी बहन -बेटी के लिए की है, न कि मेरे लिए. अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी मैंने अपने विरोधियों के खिलाफ अपमानजनक या निजी टिप्पणी नहीं की या उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाये, भले ही विचारधारा को लेकर मतभेद रहा हो. मैंने विवाह नहीं किया और पूरे देश के उत्पीड़ित वर्ग को अपना परिवार समझा. मैंने अपने गुरु कांशीराम की इस सलाह का पालन किया कि पूंजीपतियों से नहीं, बल्कि वंचितों से चंदा लिया जाये. पूरा देश भाजपा को माफ नहीं करेगा. भाजपा नेता की टिप्पणी पूंजीवादी मानसिकता को दर्शाता है. अपने जन्मदिन पर मैंने अपने समर्थकों से कहा है कि मुझे कोई महंगा उपहार नहीं दें, बल्कि पार्टी के लिए आर्थिक योगदान करें. बसपा को उत्तर प्रदेश में जो भारी समर्थन मिल रहा है, उससे भाजपा बहुत परेशान है. आगाह करते हुए कहा कि यदि इसके विरोध में कुछ लोग सड़कों पर उतरते हैं, तो इसके लिए बसपा जिम्मेदार नहीं होगी.

गलत मानसिकता

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि भाजपा नेता की ओर से प्रयुक्त किये गये शब्दों से उनकी मानसिकता झलकती है. इस तरह की सोच वाले व्यक्ति के लिए किसी पार्टी में स्थान नहीं होना चाहिए.
हमें खेद है
केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि मैं इस प्रकार के शब्दों की निंदा और भर्त्सना करता हूं तथा हम इस मामले को देखेंगे.निजी तौर पर खेद व्यक्त करता हूं. मैं मायावती जी की गरिमा के साथ अपने को जोड़ता हूं.
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