दक्षिण चीन सागर विवाद मामले में न्यायाधिकरण के फैसले का अध्ययन कर रहा है भारत
Updated at : 12 Jul 2016 4:45 PM (IST)
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नयी दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण के फैसले का भारत ‘‘अध्ययन’ कर रहा है जिसने आज फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में चीन के पास ‘‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का कोई वैधानिक आधार नहीं है. दक्षिण चीन सागर को लेकर फिलिपीस के साथ चीन के विवाद पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले के […]
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नयी दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण के फैसले का भारत ‘‘अध्ययन’ कर रहा है जिसने आज फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में चीन के पास ‘‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का कोई वैधानिक आधार नहीं है.
दक्षिण चीन सागर को लेकर फिलिपीस के साथ चीन के विवाद पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले के बारे में पूछने पर सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत फैसले का अध्ययन कर रहा है.’ स्थायी मध्यस्थता अदालत ने एक बयान में कहा कि ‘नाइन डैश लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री इलाकों पर ऐतिहासिक दावा करने के लिए चीन के पास कोई कानूनी आधार नहीं है. चीन ने कहा है कि वह फैसले को ‘‘न तो स्वीकार करता है और न ही इसे मान्यता देता है.’
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