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पंजाब में जहरीली शराब से 80 लोगों की मौत, मृतक के आश्रितों को 2-2 लाख मुआवजा

चंडीगढ़ : पंजाब में नकली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर शनिवार को 80 हो गयी है. इस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्रवाई करते हुए 13 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री सिंह ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता राशि देने का एलान किया है. 80 लोगों के मारे जाने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. खुद मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं.

चंडीगढ़ : पंजाब में नकली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर शनिवार को 80 हो गयी है. इस घटना के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कार्रवाई करते हुए 13 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. साथ ही मुख्यमंत्री सिंह ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये सहायता राशि देने का एलान किया है. 80 लोगों के मारे जाने से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है. खुद मुख्यमंत्री ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं.

पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को ही बताया था कि मरने वालों में सभी गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले लोग शामिल हैं. शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री ने जांच का जिम्मा एसआईटी को सौंपा था. पंजाब के अमृतसर और तरनतारन में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हुई है. पंजाब में इस तरह की यह पहली घटना है.

पंजाब पुलिस ने शनिवार को 100 से अधिक जगहों पर छापेमारी की है. इस दौरान पुलिस ने 17 और लोगों को गिरफ्तार किया है. सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में 2 डीएसपी, 4 एसएचओ और 7 आबकारी विभाग के अधिकारी शामिल हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक, नकली शराब से मौत के पहले पांच मामले 29 जुलाई की रात अमृतसर के तारसिक्का के तांगड़ा और मुच्छल गांव से सामने आये थे. इसके बाद लगातार मरने वालों की संख्या बढ़ रही है.

पंजाब पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि तरनतारन में 63 मौतें हुई हैं, जिसके बाद अमृतसर में 12 और गुरदासपुर के बटाला में 11 मौतें हुईं. राज्य में बुधवार रात से शुरू हुई त्रासदी में शुक्रवार की रात तक 39 लोगों की मौत हो गयी थी. इस मामले को खुद मुख्यमंत्री देख रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी लोक सेवक या अन्य को संलिप्त पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहरीली शराब के उत्पादन और बिक्री को रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग की नाकामी शर्मनाक है. शनिवार को तरनतारन जिले में 23 और लोग की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़ी है. अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार रात तक तरन तारन जिले से 19 लोग के मरने की सूचना थी.

उपायुक्त कुलवंत सिंह ने शनिवार को बताया, ‘तरन तारन में मृतकों की संख्या 42 हो गयी है.’ उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मौतें जिले के सदर और शहरी इलाकों में हुई हैं. इस घटना के तहत तरन तारन के अलावा बुधवार रात से अभी तक अमृतसर में 11 और बटाला के गुरदासपुर में नौ लोगों मौत होने की सूचना है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई पीड़ितों के परिजन बयान दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें सहयोग करने के लिए प्रेरित कर रही है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘ज्यादातर परिवार सामने नहीं आ रहे हैं और वे कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं. कुछ तो पोस्टमॉर्टम भी नहीं करने दे रहे हैं.’ इसबीच गुरदासपुर के उपायुक्त मोहम्मद इश्फाक ने कहा कि कुछ परिवारों ने यह मानने से भी इंकार कर दिया है कि उनके परिवार के सदस्य की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है.

उपायुक्त ने बताया, ‘कुछ मृतकों के परिजन यह मानने को तैयार नहीं हैं कि परिवार के सदस्य की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है. वे कह रहे हैं कि उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई.’ तरन तारन के उपायुक्त कुलवंत सिंह ने कहा कि कुछ परिवारों ने तो पुलिस को सूचना दिए बगैर ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया.

Posted by: Amlesh Nandan Sinha.

Prabhat Khabar Digital Desk
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