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नाकेबंदी के कारण नेपाल में खाद्य सामग्रियों के दाम आसमान पर

Updated at : 12 Dec 2015 12:12 PM (IST)
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नाकेबंदी के कारण नेपाल में खाद्य सामग्रियों के दाम आसमान पर

संयुक्त राष्ट्र : भारत से आयात में बाधाओं और सीमा पर नाकेबंदी के कारण नेपाल में खाद्य सामग्रियों और ईंधन की गंभीर कमी हो गयी है और आवश्यक सामग्रियों की कीमतें बढ़ गयी हैं. यह बात संयुक्त राष्ट्र की खाद्य संबंधी एक एजेंसी ने कही है और उसने सभी पक्षों से सीमा पार खाद्य सामग्रियों […]

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संयुक्त राष्ट्र : भारत से आयात में बाधाओं और सीमा पर नाकेबंदी के कारण नेपाल में खाद्य सामग्रियों और ईंधन की गंभीर कमी हो गयी है और आवश्यक सामग्रियों की कीमतें बढ़ गयी हैं. यह बात संयुक्त राष्ट्र की खाद्य संबंधी एक एजेंसी ने कही है और उसने सभी पक्षों से सीमा पार खाद्य सामग्रियों के मुक्त प्रवाह की अनुमति दिये जाने की अपील की हैं.

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने भारत के साथ लगती नेपाल की दक्षिणी सीमा में आयात पर जारी बड़ी बाधाओं के कारण नेपाल में खाद्य एवं ईंधन की गंभीर कमी होने के संबंध में चेताया है और कहा है कि यदि बुनियादी खाद्य सामग्रियों के दाम इसी प्रकार बढ़ते रहे तो नेपाल को गंभीर समस्या का सामना करना पड सकता है. एशिया एवं प्रशांत के लिए डब्ल्यूएफपी क्षेत्रीय निदेशक डेविड काटरड ने एक बयान में कहा, ‘‘ यदि व्यापार बाधित रहा और खाद्य सामग्रियों की कीमत बढ़ती रहीं तो एक गंभीर मानवीय संकट को टालना मुश्किल होगा.’

डब्ल्यूएफपी के अनुसार नेपाल के नये संविधान के विरोध में सितंबर में शुरु हुई सीमा पर नाकेबंदी ने पहले ही व्यापार धीमा कर दिया है जिससे पिछले तीन महीनों से खाद्य सामग्री एवं ईंधन की कमी पैदा हो गयी है.काटरड ने कहा, ‘‘ खाद्य सामग्रियों की कीमत इतनी बढ़ गयी हैं कि लोगों के लिए उन्हें खरीदना मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोग अपने परिवारों को भोजन मुहैया कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. हालिया भूकंप के तत्काल बाद यह संकट लोगों की इससे निपटने की क्षमता की कडी परीक्षा ले सकता है और इससे कुपोषण बढ़ सकता है.

एजेंसी ने कहा कि नेपाल खासकर भारत से आयात पर बहुत निर्भर है और सीमा पर नाकेबंदी के कारण आपूर्ति में कमी आने से हाल के सप्ताहों में खाना पकाने का तेल, चावल, दाल, चीनी और नमक समेत कुछ मूलभूत खाद्य सामग्रियों के दाम बढ़ गये हैं. काटरड ने कहा, ‘‘ डब्ल्यूएफपी सभी पक्षों से एक बार फिर अपील करता है कि वे सीमा पार खाद्य सामग्रियों के मुक्त प्रवाह की अनुमति दें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अपने परिवारों को भोजन मुहैया कराने के लिए रोजाना संघर्ष कर रहे नेपालियों को इस दीर्घकालिक राजनीतिक गतिरोध का भार न वहन करना पड़े.’

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी ने बताया कि दाल और खाना बनाने के तेल की औसत कीमत में गत अगस्त से 30 प्रतिशत से अधिक और पिछले वर्ष के बाद से 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है. अप्रैल में आये भूकंप और भूकंप बाद के झटकों से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों समेत दूरस्थ इलाकों में खाद्य सामग्रियों के दाम और भी बढ़ गये हैं. कुछ इलाकों में दाम दोगुने हो गये हैं.

डब्ल्यूएफपी ने यह भी चेताया कि सीमा पर नाकेबंदी के कारण ईंधन की कमी ने भूकंप राहत प्रयासों को भी नुकसान पहुंचाया है और भूकंप प्रभावित 2,24,000 से अधिक लोगों को खाद्य सहायता मुहैया कराने के डब्ल्यूएफपी के प्रयासों में बहुत देरी हुई है.
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