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सेकुलर शब्द का दुरुपयोग बंद हो : राजनाथ

Updated at : 26 Nov 2015 1:13 PM (IST)
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सेकुलर शब्द का दुरुपयोग बंद हो : राजनाथ

नयी दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्रआजसे शुरू हो गया है. सत्र के पहले दिन लोकसभा में संविधान दिवस के अवसर पर चर्चाकीशुरुआत करते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम संविधान की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतना अपमान झेलने के बाद भी बाबा साहेब […]

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नयी दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्रआजसे शुरू हो गया है. सत्र के पहले दिन लोकसभा में संविधान दिवस के अवसर पर चर्चाकीशुरुआत करते केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हम संविधान की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इतना अपमान झेलने के बाद भी बाबा साहेब अंबेडकर ने कभी भारत छोड़ने की बात नहीं की. राजनाथ सिंह ने कहा कि बाबा साहब हमेशा देश हित की सोचते थे, सामाजिक तिरस्कार के बावजूद उन्होंने परिस्थितियों को बदलने के लिए लगातार काम किया और संविधान का संतुलन इसका उदाहरण है.

आमिर का नाम लिए बिना इशारों में दिया जवाब
मालूम हो कि हाल ही मेंबाॅलीवुड अभिनेता आमिर खान ने असहिष्णुता के मुद्दे पर देश छोड़ने की बात कही थी. माना जा रहा है कि इसी कड़ी में आज राजनाथ सिंह ने बाबा भीमराव अंबेडकर के बहाने आमिर का नाम लिए बिना इशारों इशारों में ही जवाब दिया है. राजनाथ सिंह ने चर्चा के दौरान कहा कि बाबा अंबेडकर ने दलित होने के चलते बहुत उपेक्षा झेली होगी, लेकिन इसके बावजूद कभी किसी तीसरे देश में जाने की नहीं सोची.

अंबेडकर को दलित नेता के रूप में प्रोजेक्ट करते हैं कुछ लोग
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग अंबेडकर को दलित नेता के रूप में प्रोजेक्ट करते हैं, लेकिन उन्हें इस संकीर्ण विचारधारा से जोड़ना ठीक नहीं है.

सेकुलर शब्द का गलत इस्तेमालनहींहोना चाहिए
सेकुलर शब्द को लेकर लगातार हो रहे विवाद परराजनाथसिंहने कहा कि सेकुलर शब्द का सबसे अधिक दुरुपयोग किया गया है. संविधान में सेकुलर शब्द का इस्तेमाल किया गया है लेकिन इसका मतलब धर्म निरपेक्ष नहीं होता. इसका साफ मतलब है पंथ निरपेक्ष और इसी का इस्तेमाल होना चाहिए. राजनाथ सिंह ने कहा कि सोशलिस्ट और सेकुलरइनदो शब्दोंकोइंदिरागांधी केशासनकालमें 42वें संशोधनकेबाद डाला गया था. बाबा साहब ने इनदोनों शब्दोंका जिक्र संविधानकेमूल प्रस्तावना में करना जरुरीनहींसमझा.उनका मानना था कि भारत के लोग मूल रूप से सेकुलर और सोशलिस्ट है. राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं नहीं कहता हूंकि मैं उसे नहीं मानताहूं. जो हो गया सो हो गया.

संविधान ने देश को एक दिशा दिखाई
राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान ने देश को एक दिशा दिखाई है. संविधान के निर्माण में तमाम लोगों ने अपनी भूमिका निभाई और एक संतुलित समाज दिया. राजनाथ सिंह ने कहा किबाबा भीम राव अंबेडकर सच्चे अर्थो में एक राष्ट्र ऋषि थे. उन्होंने संविधान के निर्माण में अपने अमूल्य योगदान से देश और समाज को एक दिशा दिखाई. 1997 में आजादी के पचास साल पूरे होने पर और 2012 में संसद की पहली बैठक के साठ साल पूरे होने पर विशेष बैठकों का आयोजन हो चुका है. इस बार डॉक्टर अंबेडकर की 125वीं जयंती पर इस तरह का आयोजन किया जा रहा है.

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