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अगले सप्ताह पाकिस्तान और चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे राजनाथ सिंह

Updated at : 13 Sep 2015 9:44 AM (IST)
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अगले सप्ताह पाकिस्तान और चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे राजनाथ सिंह

नयी दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह अगले सप्ताह पाकिस्तान और चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे. पाकिस्तान और चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच गृहमंत्री दोनों देशों से सटी सीमा पोस्ट का दौरा करेंगे और हालात का जायजा लेंगे. पाकिस्तान की ओर से इन इलाकों में लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन […]

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नयी दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह अगले सप्ताह पाकिस्तान और चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे. पाकिस्तान और चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच गृहमंत्री दोनों देशों से सटी सीमा पोस्ट का दौरा करेंगे और हालात का जायजा लेंगे. पाकिस्तान की ओर से इन इलाकों में लगातार संघर्षविराम का उल्लंघन किया जाता है हालांकि पिछले दिनों दिल्ली में चले पाकिस्तान रेंजर्स और बीएसएफ के डीजी लेबल की वार्ता के बीच गृहमंत्री ने साफतौर पर पाकिस्तान से कहा था कि पहली गोली भारत नहीं चलाता है. पाकिस्तान की ओर से भारतीय सेना को उकसाया जाता है. वहीं दूसरी ओर लद्दाख के बुर्तसे इलाके में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है. आपको बता दें कि पैट्रोलिंग लाइन पर चीन की ओर से बनाए गए वॉच टावर को इंडियन आर्मी ने गिरा दिया है जिसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है.

गृहमंत्री का तीन दिनों का दौरा

जम्मू-कश्मीर की सीमा से सटे इलाकों के तीन दिवसीय दौरे पर राजनाथ सिंह साम्बा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के लिए बनाये गए अफसर मेस का उद्घाटन करेंगे. मंगलवार से शुरू हो रही इस यात्रा के दौरान वह संभवत: उन सेक्टरों की चौकियों पर भी जाएंगे जहां अकसर संघर्षविराम का उल्लंन होता रहता है. गृहमंत्री उसके बाद पूर्वी लद्दाख के चुमार क्षेत्र में जाएंगे जहां सितंबर 2014 में भारतीय और चीनी सेना के बीच तनातनी हो गयी थी. उसके बाद वह हॉट स्प्रींग में पुलिस स्मारक और थाकुंग तथा चुशुल स्थित आईटीबीपी के पोस्ट पर भी जाएंगे. राजनाथ सिंह चीन-भारत सीमा पर स्थिति का जायजा लेंगे और सीमा की सुरक्षा करने वाले आईटीबीपी के सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे. संभावना है कि वह सीमावर्ती इलाकों में चल रहे विकास कार्यों के संबंध में स्थानीय प्रशासन और सीमा सडक संगठन के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे.

क्या है मामला

भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा :एलएसी: के पास हाल ही में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी. टकराव की यह स्थिति उसी इलाके में पैदा हुई थी जहां पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अप्रैल 2013 में कैंप लगाए थे और जिसकी वजह से तीन हफ्ते तक गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी. इस घटना से वाकिफ अधिकारियों के मुताबिक, चीनी सेना ने लद्दाख के उत्तर में स्थित बुत्र्से में अस्थायी कुटिया बनाई थी जिसे शुक्रवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और थलसेना के जवानों ने तोड दिया. बताया जाता है कि चीन की नजर इस इलाके पर है. यह इलाका काराकोरम राजमार्ग की निगरानी में भारत को लाभ पहुंचाता है. काराकोरम राजमार्ग चीन द्वारा अवैध कब्जे में लिए गए क्षेत्र को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से जोडता है. इसके अलावा, दौलत बेग ओल्डी में एक अडवांस्ड ग्राउंड लैंडिंग (एजीएल) सुविधा है जिसे अगस्त 2013 में चालू किया गया था. भारतीय वायुसेना ने समुद्र तट से 16614 फुट की उंचाई पर स्थित इस हवाई पट्टी पर एक सी-130जे सुपर हरक्यूलीज परिवहन विमान को उतारने में सफलता पाई थी. कुटिया बनाए जाने की सूचना आईटीबीपी के जवानों को मिलते ही इस अर्धसैनिक बल और थलसेना का एक संयुक्त गश्ती दल इलाके में भेजा गया और कुटिया को तोड डाला गया.

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