पाकिस्तान के साथ NSA स्तरीय वार्ता हो सकती है रद्द, आरोप-प्रत्‍यारोप जोरों पर

Updated at : 21 Aug 2015 7:36 PM (IST)
विज्ञापन
पाकिस्तान के साथ NSA स्तरीय वार्ता हो सकती है रद्द, आरोप-प्रत्‍यारोप जोरों पर

नयी दिल्ली : कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के मसले पर बने गतिरोध से भारत पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और दोनों देशों ने कडे बयान जारी किये हैं. लेकिन कोई भी वार्ता से हटने की बात अपनी तरफ से नहीं करना चाहता. वार्ता की […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के मसले पर बने गतिरोध से भारत पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं और दोनों देशों ने कडे बयान जारी किये हैं. लेकिन कोई भी वार्ता से हटने की बात अपनी तरफ से नहीं करना चाहता.

वार्ता की संभावना कम होने के बीच पाकिस्तान ने आज रात कहा कि कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी सोमवार को सुबह 9:30 बजे उसके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सरताज अजीज से मुलाकात करेंगे. जाहिर तौर पर भारत के एनएसए अजीत डोभाल से अजीज की प्रस्तावित बातचीत के निर्धारित समय से पहले यह मुलाकात होने की बात कही गयी है.

भारत ने जहां सीमारेखा खींचते हुए पाकिस्तान को यह स्पष्ट कर दिया है कि अलगाववादियों और अजीज के बीच वार्ता उसे स्वीकार नहीं है, वहीं गिलानी-अजीज की मुलाकात तय हो जाने से पूरे मामले में नया मोड आ गया है. श्रीनगर में कल कुछ अलगाववादी नेताओं को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया था जिसमें गिलानी भी शामिल थे और यदि उन्हें मुलाकात के लिए दिल्ली आने दिया जाता है तो आश्चर्यजनक होगा. अब यह जिम्मेदारी पाकिस्तान की है कि वह या तो बातचीत की दिशा में आगे बढे या इसे रद्द करे.

भारत ने पाकिस्तान से साफ किया कि अलगाववादी नेताओं और अजीज की मुलाकात उचित नहीं होगी. पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह अलगाववादी हुर्रियत नेताओं से बातचीत करने की पिछली परिपाटी से नहीं हटेगा और इस तरह उसने अजीज से अलगाववादियों की मुलाकात नहीं होने की भारत की सलाह मानने से इनकार कर दिया.

भारत ने पलटवार करते हुए हुर्रियत के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किये जाने को उकसाने वाला कदम बताया और पाकिस्तान पर आतंकवाद पर महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल होने की प्रतिबद्धता से हटने की कोशिश करने का आरोप लगाया जिसके लिए पिछले महीने रुस के उफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच सहमति बनी थी.

भारत ने कहा कि पूर्व शर्त के तौर पर हुर्रियत नेताओं से मुलाकात पर इस्लामाबाद का जोर देना उफा में हुई सहमति से पूरी तरह हटना है. इसके अलावा भारत ने हमेशा यह रुख व्यक्त किया है कि द्विपक्षीय रिश्तों में केवल दो पक्ष हैं, तीन नहीं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरुप ने कहा कि नई शर्तों को एकपक्षीय तरीके से लागू करने और सहमति वाले एजेंडा को विरुपित करने के बाद आगे नहीं बढ़ा जा सकता.

* पाकिस्‍तान ने कहा हुर्रियत नेता कश्‍मीर के सच्‍चे प्रतिनिधि

पाकिस्‍तान एनएसए स्‍तर की वार्ता से पहले कश्‍मीर के अलगाववादी नेताओं से बातचीत को लेकर अड़ गया है. वहीं भारत इसके विरोध में है. दोनों देश के बीच यह मामला अब गहराता जा रहा है. इधर पाकिस्‍तान ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा है कि हुर्रियत नेता ही कश्‍मीर के सच्‍चे प्रतिनिधि हैं.

पाकिस्‍तान ने अपने विदेश मंत्रालय के साइट पर एक प्रेस रिलीज जारी किया है जिसमें लिखा गया है कि पाकिस्‍तान हमेशा हुर्रियत नेताओं के साथ मिलते रहा है और यह आगे भी जारी रहेगा. प्रेस रिलीज में खिला है, हुर्रियत नेता भारत के कब्‍जे वाले कश्‍मीर के सच्‍चे नुमांइदे हैं. उनसे नहीं मिलने देने का भारत का दावा सही नहीं है.

पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज कश्मीर अलगाववादियों से मिलने की जिद पर अडे हुए हैं. दूसरी ओर जम्‍मू-कश्‍मीर सरकार ने अलगाववादी नेताओं के घरों पर सुरक्षा बलों को तैनाती कर दी है.

* सरताज अजीज से मिलने के लिए अड़े अलगाववादी नेता शब्बीर शाह

पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज से मिलने के लिए अड़ गये हैं अलगाववादी नेता शब्बीर शाह. उन्‍होंने कहा कि वे 23 अगस्त की शाम वे सरताज अजीज से मिलेंगे. शब्बीर शाह ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने सितंबर में जायेंगे, वहां भी इस मुद्दे पर बात होना चाहिए.

* पाकिस्‍तान ने कहा, कश्मीरी नेताओं से मुलाकात एक सामान्य बात

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने कहा है कि कश्मीरी नेताओं से मुलाकात एक सामान्य बात है. उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता से पहले कश्मीर के नेताओं से मिलना व बात करना सामान्य बात है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने में 70 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है और हम इसका विरोध कर रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान ने शांति व सौहार्द्र का राग अलापते हुए कहा कि एलओसी पर शांति चाहते हैं. खलीलुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola