ऑल पार्टी मीटिंग में विदेश मंत्री की दो टूक, कहा- हम पाकिस्तान की तरह दलाल राष्ट्र नहीं

Updated at : 25 Mar 2026 11:24 PM (IST)
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All Party Meeting

सर्वदलीय बैठक, फोटो- पीटीआई

All Party Meeting: मिडिल ईस्ट संकट को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कर दिया कि भारत पाकिस्तान जैसी दलाल भूमिका नहीं निभाता. सरकार ने विपक्ष के आरोप खारिज किए और खाड़ी क्षेत्र के भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की जानकारी दी.

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All Party Meeting: मिडिल ईस्ट में जंग को चार हफ्ते पूरे होने जा रहे हैं. जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित है. तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट बना हुआ है. इसी बीच सरकार ने बुधवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलायी. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर से ईरान-इस्राइल संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि हम पाकिस्तान जैसे दलाल राष्ट्र नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में जोर दिया कि मिडिल ईस्ट युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए, क्योंकि इससे सभी पक्षों को नुकसान हो रहा है.

भारत सरकार दे रही है जवाब- विदेश मंत्री

सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोप का खंडन किया कि वह मिडिल ईस्ट स्थिति पर चुप है. सरकार ने कहा कि वह लगातार टिप्पणी कर रही है और सवालों का जवाब दे रही है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने में सरकार ने देरी की, जिससे नैतिक कमजोरी दिखी. इस पर सरकार ने बताया कि ईरान दूतावास खोलते ही विदेश सचिव ने तुरंत दौरा किया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किये. विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिक चिंता खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा जरूरतों की पूरी आपूर्ति तय करना है.

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने भरोसा जताया- किरेन रिजीजू

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बैठक के बाद कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को मिडिल ईस्ट संकट के विषय में पूरी जानकारी दी गयी. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने भरोसा जताया कि इस संकट की घड़ी में वे सरकार के उठाये जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे. रिजीजू ने कहा कि विस्तृत जानकारी मिलने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं है.

बैठक में ये लोग हुए शामिल

बैठक संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू शामिल थे. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राजद के अभय सिन्हा और अन्य नेता शामिल हुए. तृणमूल कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं हुआ.

विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक के बाद की आलोचना

सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि सरकार के जवाब कई मामलों में संतोषजनक नहीं थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने मीडिया से कहा कि हमारी मांग है कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत इस विषय पर चर्चा हो, तभी जनता को संतुष्टि मिलेगी. बहुत सारे मुद्दे थे, जिन पर सरकार का जवाब काफी नहीं था. पाकिस्तान जो हमसे कमजोर है, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हम मूकदर्शक बने हुए हैं. समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी कहा कि नियम 193 (लोकसभा) और नियम 176 (राज्यसभा) के तहत चर्चा जरूरी है. लोकसभा का नियम 193 और राज्यसभा का नियम 176 सदन में अल्पकालिक चर्चा (Short Duration Discussion) से संबंधित हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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