ऑल पार्टी मीटिंग में विदेश मंत्री की दो टूक, कहा- हम पाकिस्तान की तरह दलाल राष्ट्र नहीं

Published by : Pritish Sahay Updated At : 26 Mar 2026 9:58 AM

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सर्वदलीय बैठक, फोटो- पीटीआई

All Party Meeting: मिडिल ईस्ट संकट को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ कर दिया कि भारत पाकिस्तान जैसी दलाल भूमिका नहीं निभाता. सरकार ने विपक्ष के आरोप खारिज किए और खाड़ी क्षेत्र के भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की जानकारी दी.

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All Party Meeting: मिडिल ईस्ट में जंग को चार हफ्ते पूरे होने जा रहे हैं. जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित है. तेल और गैस की आपूर्ति पर संकट बना हुआ है. इसी बीच सरकार ने बुधवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलायी. बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर से ईरान-इजराइल संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल किया गया, तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि हम पाकिस्तान जैसे दलाल राष्ट्र नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत में जोर दिया कि मिडिल ईस्ट युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए, क्योंकि इससे सभी पक्षों को नुकसान हो रहा है.

भारत सरकार दे रही है जवाब- विदेश मंत्री

सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोप का खंडन किया कि वह मिडिल ईस्ट स्थिति पर चुप है. सरकार ने कहा कि वह लगातार टिप्पणी कर रही है और सवालों का जवाब दे रही है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त करने में सरकार ने देरी की, जिससे नैतिक कमजोरी दिखी. इस पर सरकार ने बताया कि ईरान दूतावास खोलते ही विदेश सचिव ने तुरंत दौरा किया और शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किये. विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिक चिंता खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा जरूरतों की पूरी आपूर्ति तय करना है.

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने भरोसा जताया- किरेन रिजीजू

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने बैठक के बाद कहा कि सर्वदलीय बैठक में विपक्ष को मिडिल ईस्ट संकट के विषय में पूरी जानकारी दी गयी. उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने भरोसा जताया कि इस संकट की घड़ी में वे सरकार के उठाये जाने वाले कदमों का समर्थन करेंगे. रिजीजू ने कहा कि विस्तृत जानकारी मिलने के बाद फिलहाल विपक्ष को और जानकारी मांगने की जरूरत नहीं है.

बैठक में ये लोग हुए शामिल

बैठक संसद भवन परिसर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें सरकार की ओर से गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू शामिल थे. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की नेता सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राजद के अभय सिन्हा और अन्य नेता शामिल हुए. तृणमूल कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं हुआ.

विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक के बाद की आलोचना

सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष ने कहा कि सरकार के जवाब कई मामलों में संतोषजनक नहीं थे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने मीडिया से कहा कि हमारी मांग है कि लोकसभा में नियम 193 और राज्यसभा में नियम 176 के तहत इस विषय पर चर्चा हो, तभी जनता को संतुष्टि मिलेगी. बहुत सारे मुद्दे थे, जिन पर सरकार का जवाब काफी नहीं था. पाकिस्तान जो हमसे कमजोर है, मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और हम मूकदर्शक बने हुए हैं. समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी कहा कि नियम 193 (लोकसभा) और नियम 176 (राज्यसभा) के तहत चर्चा जरूरी है.

क्या है लोकसभा और राज्यसभा का 193 और 176 नियम?

लोकसभा का नियम 193 और राज्यसभा का नियम 176 दोनों का संबंध सदन में किसी विषय पर चर्चा से है. इन नियमों के तहत लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य मौजूदा सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर सवाल-जवाब कर सकते हैं.

  • लोकसभा (नियम 193): इसमें कोई प्रस्ताव नहीं लाया जाता और वोटिंग नहीं होती. इसका उद्देश्य किसी अहम मुद्दे पर सरकार और सदन का ध्यान दिलाना है.
  • राज्यसभा (नियम 176): इसमें भी वोटिंग नहीं होती. चर्चा सीमित समय के लिए होती है. सरकार विपक्ष के सवालों का जवाब देती है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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