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व्यापमं जांच का सच सामने आने के बाद कांग्रेस होगी बेनकाब : शुक्ल

Updated at : 07 Aug 2015 6:31 PM (IST)
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व्यापमं जांच का सच सामने आने के बाद कांग्रेस होगी बेनकाब : शुक्ल

भोपाल : मध्यप्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा की छवि को धूमिल करने वाले बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के बारे में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यहां कहा कि सीबीआई जांच से घोटाले का सच सामने आने के बाद कांग्रेस बेनकाब हो जायेगी और प्रदेश में वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा एक बार पुन: […]

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भोपाल : मध्यप्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा की छवि को धूमिल करने वाले बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के बारे में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने यहां कहा कि सीबीआई जांच से घोटाले का सच सामने आने के बाद कांग्रेस बेनकाब हो जायेगी और प्रदेश में वर्ष 2018 में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा एक बार पुन: एकरफा विजय हासिल करेगी.

प्रदेश के उर्जा, खनन एवं जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा, कांग्रेस व्यापमं घोटाले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा सरकार को बदनाम करने का एक अभियान चला रही है. लेकिन जांच के बाद जब सच सबके सामने आयेगा तो यह इनके लिये ही नुकसानदेह साबित होगा. इसलिये मेरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश का वर्ष 2018 में होने वाला अगला विधानसभा चुनाव व्यापमं के मुद्दे पर ही लडा जायेगा और भाजपा इसमें भारी बहुमत से विजयी होगी. इस मामले की जांच के बाद सच सामने आने से कांग्रेस की कलई सबसे सामने खुल जायेगी.

व्यापमं घोटाले और इससे जुडी मौतों की सीबीआई जांच के बीच कैबिनेट मंत्री ने कहा, एक बार इसकी जांच पूरी हो जाने दीजिये, पूरा सच लोगों के सामने आ जायेगा. इसके लिये हमें कुछ इंतजार करना होगा. उन्होंने कहा कि लोगों में चौहान की लोकप्रियता और साफ छबि के कारण कांग्रेस प्रदेश में पिछले दो विधानसभा चुनावों में काफी प्रयासों के बावजूद उन्हें सत्ता से नहीं हटा सकी. इसलिये कांग्रेस चौहान की छवि खराब कर उन्हें येनकेन प्रकारेण सत्ता से हटाना चाहती है, क्योंकि वह जानती है कि जब तक चौहान प्रदेश में भाजपा का नेतृत्व करते रहेगें तब तक वह (कांग्रेस) सत्ता में नहीं आ सकती.

शुक्ल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का नाम लिये बिना कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता सामंती सोच के हैं, इसलिये एक किसान के बेटे शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी आंख की किरकिरी बने हुए हैं.

उन्होंने कहा कि जहां तक व्यापमं घोटाले का सवाल है, चौहान ने 2013 में इसकी जांच शुरु करवाई और बाद में इसकी जांच के लिये एसटीएफ का गठन भी किया. व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को जाने से पहले एसटीएफ भाजपा के एक पूर्व मंत्री सहित लगभग 2000 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के जरिये एसटीएफ की जांच की निगरानी शुरु करने के बाद प्रदेश सरकार ने इस जांच से स्वयं को अलग कर लिया.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान के कार्यकाल में मध्यप्रदेश एक बीमारु राज्य की श्रेणी से बाहर निकल कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और कृषि वृद्धि दर के मामले में अब देश में शीर्ष क्रम पर आ गया है. प्रदेश में चलायी जा रही सामाजिक कल्याण की योजनाओं को अन्य प्रदेशों में भी लागू किया जा रहा है इससे अन्य राज्यों में चौहान की बढ़ती लोकप्रियता से परेशान होकर कांग्रेस ने उनकी छवि खराब करने के लिये उनके खिलाफ एक अभियान छेड रखा है, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस इसमें कभी सफल नहीं होगी और अंतत: उसे इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में उठाना पडेगा.

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