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संसद दिन भर : जानिए क्या रहे आज के दस अहम डेवलपमेंट

Updated at : 03 Aug 2015 5:56 PM (IST)
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संसद दिन भर : जानिए क्या रहे आज के दस अहम डेवलपमेंट

नयी दिल्ली : भारतीय संसद के लिए आज का दिन कई मायनों में अहम रहा. संसद के अपेक्षाकृत छोटे माने जाने वाले मौजूदा सत्र (मॉनसून सत्र) में आज दो सप्ताह बाद भी सहमति बनाने की कोशिश विफल हो गयी. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए ताबडतोड नये राजनीतिक विशेषणों का […]

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नयी दिल्ली : भारतीय संसद के लिए आज का दिन कई मायनों में अहम रहा. संसद के अपेक्षाकृत छोटे माने जाने वाले मौजूदा सत्र (मॉनसून सत्र) में आज दो सप्ताह बाद भी सहमति बनाने की कोशिश विफल हो गयी. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए ताबडतोड नये राजनीतिक विशेषणों का प्रयोग किया और स्पष्ट कर दिया कि आरोपियों के पद से नहीं हटने तक विपक्ष संसद नहीं चलने देगा. वहीं, स्पीकर सुमित्रा महाजन ने आज कांग्रेस के 25 सांसदों को 5 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया. जबकि पिछले दो महीने से ललित मोदी प्रकरण को लेकर सुर्खियों में बनी रही सुषमा स्वराज ने आज पहली बार अधूरा ही सही उच्च सदन राज्यसभा में अपना बयान दिया कि उन्होंने ललित मोदी के यात्रा दस्तावेज के लिए ब्रिटिश सरकार के पास कोई पैरवी नहीं की. आइए, एक नजर में जानें आज संसद व भारतीय राजनीति के क्या हैं दस अहम डेवलपमेंट :
1. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नये सप्ताह के मौके पर व सर्वदलीय बैठक के ठीक पहले अपनी पार्टी की संसदीय दल की बैठक बुलायी. इसे संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मौन व्रत का चैंपियन की संज्ञा दी. साथ ही उन्हें न्यूज मेकर, रि पैकेजिंग करने वाला, मार्केटिंग में माहिर व हेडलाइन बनवाने वाला शख्स बताया.
2. सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में यह स्पष्ट कर दिया कि विपक्ष सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफ से कम पर मानने को तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने ही यूपीए 2 के समय यह सिद्धांत दिया था कि पहले इस्तीफा फिर चर्चा व वार्ता. उसने हमसे यह काम पांच बार करवाया. हम उसी को फॉलो कर रहे हैं.
3. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक के ठीक पहले अपने शीर्ष मंत्रियों के साथ बैठक कर विचार मंत्रणा की. इस बैठक में संसद के गतिरोध को दूर करने और सत्ता पक्ष की रणनीति पर चर्चा की गयी.
4. बैठक के ठीक बाद सत्ता पक्ष की ओर से बयान आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वदलीय बैठक में नहीं जायेंगे. बल्कि इस बैठक में सरकार का प्रतिनिधित्व गृहमंत्री राजनाथ सिंह व संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू करेंगे. कांग्रेस की ओर से इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडगे व राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद शामिल हुए. पर, अंतत: यह बैठक बेनतीजा रही.
5. सुषमा स्वराज ने आज सुबह शून्य काल के दौरान राज्यसभा में पहली बार ललित मोदी प्रकरण पर अपना मुंह खोला. उन्होंने कहा कि वे दो सप्ताह से सदन में इस उम्मीद से आ रही हैं कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि उन्होंने ललित मोदी के यात्रा दस्तावेज के लिए न तो ब्रिटिश सरकार से सिफारिश की और न ही आग्रह किया. सुषमा के बयान के दौरान कांग्रेस सांसद आसन के समक्ष तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. इसके कारण सदन को स्थगित करना पडा. बाद में पुन: कार्रवाई शुरू होने पर भी यही हाल रहा. जिसके बाद दिन भर के लिए सदन स्थगित कर दिया गया.
6. लोकसभा में आज पिछले कई दिनों की चेतावनी के बाद स्पीकर ने कांग्रेस के 25 सांसदों को सस्पेंड कर दिया. इन परकाला बिल्ला लगाने व तख्तियां लेकर प्रदर्शन करने का आरोप है. इनके नाम हैं : निलंबित किए गए कांग्रेस के 25 सदस्यों के नाम इस प्रकार हैं : बी एन चंद्रप्पा, संतोष सिंह चौधरी, अबु हसन खान चौधरी, सुष्मिता देव, आर धु्रव नारायण, निनोंग ईिरंग, गौरव गोगोई, सुकेंद्र रेड्डी गुथा, दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, के सुरेश, एस पी एम गौडा, अभिजीत मुखर्जी, मुल्लापल्ली रामचंद्रन, के एच मुनियप्पा, बी वी नायक, विसेंट एच पाला, एम के राघवन, रंजीत रंजन, सी एल रुआला, ताम्रध्वज साहू, राजीव शंकर सातव, रवनीत सिंह, डी के सुरेश, केसी वेणुगोपाल और थोकचोम मेनिया हैं. इस फैसले की हर ओर से तीखी आलोचना शुरू हो गयी. आम आदमी पार्टी ने स्पीकर का फैसला का विरोध जताने व कांग्रेस के पक्ष में समर्थन जताने के लिए पांच दिन तक सदन से बाहर रहने की घोषणा की.
7. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने स्पीकर के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र का काला दिन है. वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिाकर्जुन खडगे ने कहा कि ये लोग गुजरात विधानसभा की तरह संसद को चलाना चाहते हैं, जहां विपक्ष को सस्पेंड कर एक पक्षीय फैसले लिये जाते हैं. अपनी तीखी आलोचन के मद्देनजर स्पीकर सुमित्रा महाजन मीडिया के सामने आयीं और बोलीं कठोर फैसले लेना उनके स्वभाव के विपरीत है. पर, उनका व्वहार अस्वीकार्य था, जिसके बारे में उन्हें बार-बार चेतावनी दी जा रही थी.
8. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने स्पीकर के फैसले पर तीखा विरोध जताया. उन्होंने कहा कि मैं इसकी भर्त्सना करता हूं और इस फैसले से आश्चर्यचकित नहीं हूं, क्योंकि यह मोदी शैली है.
9. आम आदमी पार्टी के अलावा तृणमूल कांग्रेस व एनसीपी भी कांग्रेस के समर्थन में आ गयी है. दोनों दलों ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के समर्थन का एलान किया है.
10. संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने आज सर्वदलीय बैठक के पूर्व यह संकेत दिया था कि संसद में गतिरोध को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी इंटरविन कर सकते हैं. हालांकि अब सांसदों को सस्पेंड किये जाने के बाद राजनीति में नया मोड आ गया है और हालात और बेकाबू होने के खतरे बढ गये हैं. संसद के अंदर सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच टकराव और तीखा होगा.
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