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परिवार या मित्रों के फायदे के लिए कभी पद का दुरुपयोग नहीं किया : मनमोहन सिंह

Updated at : 27 May 2015 2:16 PM (IST)
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परिवार या मित्रों के फायदे के लिए कभी पद का दुरुपयोग नहीं किया : मनमोहन सिंह

नयी दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लोगों का ध्‍यान मुद्दों से भटकाना चाहती है. इसलिए वह भ्रष्‍टाचार का राग अलाप रही है. मनमोहन सिंह ने कहा मैंने अपने पद का कभी भी दुरुपयोग नहीं किया है. मैंने अपने पद के […]

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नयी दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला किया. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार लोगों का ध्‍यान मुद्दों से भटकाना चाहती है. इसलिए वह भ्रष्‍टाचार का राग अलाप रही है. मनमोहन सिंह ने कहा मैंने अपने पद का कभी भी दुरुपयोग नहीं किया है. मैंने अपने पद के माध्‍यम से कभी अपने परिवार या मित्रों को लाभ नहीं पहुंचाया. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं खतरे में हैं साथ ही कल्यणकारी राज्य की सम्पूर्ण अवधारणा को तीव्र आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के नाम पर अब ध्वस्त किया जा रहा है.

यहां एक समारोह में अपने तीखे भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ जहां तक मेरा सवाल है, मैं पूरी विनम्रता से कह सकता हूं कि मैंने सार्वजनिक पद का अपने, अपने परिवार या मित्रों के फायदे के लिए कभी दुरुपयोग नहीं किया. और फिर भी भाजपा सरकार भ्रष्टाचार का राग अलाप रही है क्योंकि वह लोगों का ध्यान गैर मुद्दों की ओर बांटना चाहती है.’’ पूर्व प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्राई के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बैजल ने आरोप लगाया है कि सिंह ने उन्हें ट्रजी स्पेक्ट्रम लाइसेंसों पर सहयोग नहीं करने पर नुकसान होने की चेतावनी दी थी। टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में एक आरोपी बैजल ने यह भी दावा किया कि सीबीआई उनसे इस मामले में अरुण शौरी और रतन टाटा को फंसवाना चाहती थी.

मनमोहन ने इस बात पर भी जोर दिया कि संप्रग सरकार के कार्यक्रमों को नये पैकेज के रुप में पेश किया जा रहा है और भाजपा सरकार की पहल के रुप में इसकी मार्केटिंग की जा रही है. पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ जब हम सत्ता में थे तब भाजपा जिन बातों का विरोध करती थी, अब वे उन्हीं को अपने योगदान के तौर पर बेच रहे हैं.’’

मनमोहन ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने दो ‘‘स्थायी मुद्दे’’ बनाए हुए है. पहला संप्रग में भ्रष्टाचार और दूसरा नीतिगत पंगुता और दोनों ही ‘‘असत्य’’ हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम भ्रष्टाचार से लडते रहे हैं. हम भ्रष्टाचार से संघर्ष जारी रखे हुए हैं.’’ किसानों के मुद्दों का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में घोर व्यथा है और अगर ऐसे इलाकों में रहने वाले लोग एक साल में ही मोदी सरकार से ‘उब’ गए हैं तब चीजें अच्छी नहीं हो सकतीं. आर्थिक मुद्दों पर उन्होंने कहा कि निवेश नहीं बढ रहा है और निर्यात में गिरावट आई है.

उन्होंने कहा, ‘‘ देखिए कि निवेश के मामले में क्या हो रहा है. निवेश नहीं बढ रहा है. देखिए कि कृषि उत्पादन को क्या हो रहा है. कृषि उत्पादन घट रहा है. हमारे किसान परेशान हैं. निर्यात को देखें. तब निर्यात घट रहा है.’’ मनमोहन ने कहा, ‘‘ पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद व्यथा की स्थिति है. हमारे 65 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं. वे असंतुष्ट हैं और अगर वे इस सरकार के एक साल के कार्यकाल से उब गए हैं, तब वास्तव में चीजें अच्छी नहीं कहीं जा सकतीं.’’ पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का यह दायित्व है कि वह लोगों को भाजपा सरकार की गलतियों और पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के कमजोर होने की ‘‘गलत चर्चाओं’’ के बारे में सही जानकारी पहुंचाये.

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