‘रेलवे का कायापलट करने के लिए महत्वपूर्ण है स्वतंत्र नियामकीय निकाय’
Updated at : 05 Apr 2015 2:58 PM (IST)
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नयी दिल्ली: रेलवे क्षेत्र में निवेश के अनिच्छुक रहे निजी क्षेत्र की कंपनियों को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने नियामकीय अधिकार सरकार से लेकर एक स्वतंत्र निकाय को देने की जरुरत है. एक विशेषज्ञ समिति ने यह सुझाव दिया है. अर्थशास्त्री बिबेक देबराय की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय समिति ने रेलवे का कायापलट करने […]
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नयी दिल्ली: रेलवे क्षेत्र में निवेश के अनिच्छुक रहे निजी क्षेत्र की कंपनियों को विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने नियामकीय अधिकार सरकार से लेकर एक स्वतंत्र निकाय को देने की जरुरत है. एक विशेषज्ञ समिति ने यह सुझाव दिया है.
अर्थशास्त्री बिबेक देबराय की अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय समिति ने रेलवे का कायापलट करने के लिए अर्ध-न्यासी अधिकारों के साथ एक नियामकीय प्राधिकरण गठित करने का सुझाव दिया है. समिति ने कहा कि एक स्वतंत्र बजट के साथ एक भारतीय रेलवे नियामकीय प्राधिकरण (आरआरएआई) का सांविधिक गठन किया जाना आवश्यक है ताकि यह सही मायने में रेल मंत्रालय की स्वतंत्रता हो.
समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि आरआरएआई के पास अधिकार होने चाहिए और इसका उद्देश्य आर्थिक नियमन और जहां भी आवश्यक हो शुल्क नियमन, सुरक्षा नियमन के होने चाहिए.
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