गडकरी ने सोनिया को फिर लिखी चिट्ठी, यूपीए की नीतियों को बताया किसान विरोधी
Updated at : 30 Mar 2015 4:27 PM (IST)
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नयी दिल्ली : भूमि अधिग्रहण अध्यादेशपर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोनिया गांधी को एक और चिट्ठी लिखी है. सात पन्ने की चिट्ठी में गडकरी ने सोनिया के उन सवालों का जवाब दिया है जो सोनिया ने गडकरी की पहली चिट्ठी के बाद उनसे किये थे. गडकरी ने अपनी ताजा चिट्ठी में कांग्रेस की नीतियों […]
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नयी दिल्ली : भूमि अधिग्रहण अध्यादेशपर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोनिया गांधी को एक और चिट्ठी लिखी है. सात पन्ने की चिट्ठी में गडकरी ने सोनिया के उन सवालों का जवाब दिया है जो सोनिया ने गडकरी की पहली चिट्ठी के बाद उनसे किये थे. गडकरी ने अपनी ताजा चिट्ठी में कांग्रेस की नीतियों पर सवाल खड़ा किया है.
उन्होंने लिखा है आपकी नीतियों के कारण युवाओं का काम नहीं मिल रहा. किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर है. उन्होंने यूपीए पर आरोप लगाया कि ज्यादातर पैसे आपकी सरकार ने चुनावी लाभ के लिए खर्च किये. आपने विकास पर ध्यान नहीं दिया. आपकी सरकार ने ज्यादातर जमीन बड़ी कंपनियों के लिए अधिग्रहण किये.जिससे देश को 1.7 लाख करोड़ का नुकसान हुआ. भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पर सरकार विपक्षी दलों को मनाने की पूरी कोशिश कर रही है. नितिन इस नीति का एक हिस्सा है.
सोनिया ने दिया था गडकरी की चिट्ठी का जवाब
भूमि अधिग्रह अध्यादेश पर विरोधियों के कड़े रुख के बाद केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी ने सोनिया गांधी समेत अन्ना हजारे को भी खुली बहस की चुनौती दी थी उन्होंने सवाल किया था कि जो इस अध्यादेश का विरोध कर रहे हैं वो खुलकर इस मुद्दे पर मुझसे बहस करें. किसानों तक गलत सूचनाएं ना भेंजे. सरकार किसानों के हित के लिए काम कर रही है. इस अध्यादेश के सहारे जो लोग बड़े जनआंदोलन को खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं पहले इसे पूरी तरह समझ लें. अपने पत्र में सोनिया गांधी ने भूमि अधिग्रहण बिल को किसान विरोधी बताते हुए उसे वापस लेने की मांग की है. मोदी सरकार ने नए बिल के जरिए भूमि अधिग्रहण कानून में जो बदलाव किए हैं, कांग्रेस उनका समर्थन नहीं करती. अब गडकरी की दूसरी चिट्ठी का सोनिया क्या जवाब देती है इसका इंतजार रहेगा लेकिन चिट्ठी के जरिये सरकार एक नयी तरह की कोशिश में है जो अब आरोप प्रत्यारोप की तरफ बढ़ रहा है.
अध्यादेश दोबारा लाने की कोशिश
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश की सीमा 5 अप्रैल को खत्म हो रही है. केंद्र सरकार फिर भूमि अधिग्रहण अध्यादेश लाने की तैयारी में है. संसदीय मामलों की केबिनेट कमेटी की शुक्रवार को हुई एक अहम बैठक में इस बारे में चर्चा की गई. संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने अध्यादेश लाने के संकेत भी दिए हैं.
विवादित जमीन अधिग्रहण अध्यादेश दोबारा लाएगी सरकार
राज्यसभा का मौजूदा सत्र खत्म हो चुका है लेकिन इस अध्यादेश पर राज्यसभा में मुहर नहीं लग पाई है. भूमि अधिग्रहण पर कड़ा रुख अपनाने के लिए सोनिया गांधी ने विरोधी पार्टियों के नेताओं के साथ मिलकर राष्ट्रपति से मुलाकात की थी और किसान विरोधी कानून पर कड़ा रुख अपनाने की गुहार लगायी थी.
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