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शिंदे के कार्यकाल में उनके मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुरेश कुमार ने दी थी निर्भया कांड के दोषी के इंटरव्यू की अनुमति

नयी दिल्ली : दिल्ली के निर्भया दुष्कर्म कांड पर देश में मचे बवाल पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद के दोनों सदनों में अपना बयान दिया. इसके बाद उन्होंने तिहाड़ के डीजी आलोक कुमार वर्मा को तलब किया. लोकसभा में दिये अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस […]

नयी दिल्ली : दिल्ली के निर्भया दुष्कर्म कांड पर देश में मचे बवाल पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद के दोनों सदनों में अपना बयान दिया. इसके बाद उन्होंने तिहाड़ के डीजी आलोक कुमार वर्मा को तलब किया. लोकसभा में दिये अपने बयान में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस इंटरव्यू की इजाजत किस परिस्थिति में दी गयी इसकी जांच करायी जायेगी और इसके लिए संबंधित व्यक्ति की जिम्मेवारी भी तय की जायेगी. उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रावधान जेल में इंटरव्यू देने का है तो वह इस संबंध में नियमों में संशोधन भी करेंगे. उन्होंने आश्चर्य प्रकट किया कि एक रेपिस्ट का इंटरव्यू करने की अनुमति कैसे दी गयी.
गृहमंत्री ने कहा कि इस इंटरव्यू की अनुमति 24 जुलाई 2013 को दी गयी थी. उन्होंने कहा कि मीडिया में यह मामला आने के बाद आवश्यक कार्रवाई कर अदालत से इसके प्रकाशन-प्रकाशन पर रोक की अनुमति ले ली गयी है. गृहमंत्री ने कहा है कि इस आदेश के बाद अब इसका किसी भी तरह से प्रकाशन-प्रसारण नहीं नहीं किया जा सकता.
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इस मामले की गंभीरता के मद्देनजर तिहाड़ जेल की डीजी आलोक कुमार वर्मा को संसद भवन में तलब किया है और इस पूरे मामले में ब्यौरा देने को कहा है.
उधर, दुष्कर्म कांड के आरोपी का इंटरव्यू लेने की अनुमति दिये जाने के संबंध में एक नया खुलासा हुआ है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूपीए – 2 के शासन में सुशील कुमार शिंदे के गृहमंत्री रहते गृह मंत्रलय के संयुक्त सचिव सुरेश कुमार ने 24 जुलाई 2013 को दुष्कर्मी का इंटरव्यू लेने की अनुमति दी थी. शर्तो के अनुसार, इसके लिए जिस शख्स का इंटरव्यू लिया जाना था, उसका भी स्वीकृति आवश्यक थी. 17 अक्तूबर 2013 को दोषी के तरफ से पत्र आया था, जिसमें उसने कहा था कि आप मेरा इंटरव्यू ले सकते हैं, लेकिन इंटरव्यू लेने की तारीख से नौ माह तक इसका प्रसारण नहीं करेंगे. बीबीसी पूर्व में अपने तय कार्यक्रम के अनुसार, आठ मार्च को इसका प्रसारण करने वाला था.
उधर, सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि निर्भया कांड पर बनायी गयी डाक्यूमेंट्री सूचना एवं प्रसारण मंत्रलय के प्रोग्रामिंग कोड का उल्लंघन है. जबकि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएल बस्सी ने कहा है कि जेल में इंटरव्यू की इजाजत दी जा सकती है, पर उसके लिए कुछ शर्ते लगायी जाती हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे इंटरव्यू में ऐसी कोई बात नहीं होनी चाहिए जो कानून विरुद्ध हो. उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के लिए अनुमति देना हमारे जांच के दायरे में नहीं है, बल्कि हमारे जांच के दायरे में यह है कि इंटरव्यू का कंटेंट क्यों नहीं दिखाया गया. उन्होंने कहा कि हम इसी दिशा में तफ्तीश कर रहे हैं. शाम पांच बजे दिल्ली के पुलिस कमिश्नर बीएल बस्सी गृहमंत्री राजनाथ सिंह से उनके नॉर्थ ब्लॉक स्थित कार्यालय में भी मिलेंगे.

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