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आईएनएस भारतीय सेना में शामिल,पीएम बोले,अब कोई नहीं दिखायेगा भारत को आंख

Updated at : 14 Aug 2014 11:44 AM (IST)
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आईएनएस भारतीय सेना में शामिल,पीएम बोले,अब कोई नहीं दिखायेगा भारत को आंख

मुंबई:आईएनएस कोलकाता य़ुद्धपोत को आज भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल किया. इस अवसर पर सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसे एक तरह से स्वतंत्रता दिवस का उपहार भी माना जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान मोदी […]

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मुंबई:आईएनएस कोलकाता य़ुद्धपोत को आज भारतीय सेना में शामिल कर लिया गया है. इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधिकारिक तौर पर नौसेना में शामिल किया. इस अवसर पर सेना की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसे एक तरह से स्वतंत्रता दिवस का उपहार भी माना जा रहा है.

कार्यक्रम के दौरान मोदी ने कहा कि कल हमने आजादी का पर्व मनाया लेकिन उस आजाद भारत की रक्षा हमारी सेना कर रही है. आज के समय में बाहुबल के साथ बुद्धि बल भी जरुरी है.उन्होंने कहा कि यदि आपकी सेना समर्थ हो तो युद्ध होता ही नहीं है. आप की ओर कोई नजर उठा कर नहीं देख सकता. दुनिया के सामने हमने भारत निर्माण की क्षमता को आइएनएस के जरिये रखा.

मोदी ने कहा सैन्य शक्ति युद्ध का सबसे बडा प्रतिरोधक होती है. आईएनएस कोलकाता से सेना का मनोबल बढ़ेगा. आईएनएस कोलकाता भारतीय इंजीनियरों, तकनीशियनों और सुरक्षा विशेषज्ञों के ज्ञान कौशल का बेहतरीन उदाहरण है. नौवहन सुरक्षा वैश्विक व्यापार और वाणिज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है. इससे पहले रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आईएनएस कोलकाता के सेवा में शामिल होने से भारतीय नौसेना की शक्ति में कई गुना इजाफा होगा.

इस युद्धपोत की विशेषता यह है कि ये दुश्मनों के रडार को चकमा देने में सक्षम होगा. ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस यह युद्धपोत 400 किलोमीटर की दूरी तक मार करने में सक्षम होगा.इस युद्धपोत को मुंबई के ही मझगांव में डॉकयार्ड में तैयार किया गया है यह पूरी तरह से स्वदेशनिर्मित है.

नौसेना अधिकारियों ने बताया कि 164 मीटर लंबा एवं 18 मीटर चौड़ा 7500 टन का यह पोत दुश्मनों के रडार पर छोटी नौका जैसा दिखाई देगा. इस प्रकार वह दुशमनों के करीब पहुंचकर उन पर आसानी से हमला कर सकता है.

इसके साथ ही भारत ऐसे देशों में शामिल हो गया है जो अपनी नौसेना के युद्धपोत से 400 किलोमीटर की दूरी तक निशाना साध सकते हैं. ब्रह्मोस के अलावा कम दूरी तक मार कर सकनेवाली मिसाइलों एवं अतिसंवेदनशील रडार भी इस पोत की विशिष्टता में शामिल है.

आइएनएस कोलकाता की रफ्तार 30 नॉटिकल मील प्रति घंटा होगी. यह नौसेना के दो सी किंग हेलीकॉप्टर अपने साथ ले जाने की क्षमता वाला है.

इसके अलावा इसमें ऊर्जा आपूर्ती के लिये चार गैस टर्बाइन जेनरेटर और चार गैस टर्बाइन जेनरेटर लगे हैं जो कम से कम किसी छोटे मोटे शहर को रोशनी उपलब्ध करा सकता है.इस युद्धपोत में 30 अधिकारी और 330 नौसैनिकों की तैनाती की जाएगी.

इसका नामकरण कोलकाता शहर के नाम पर किया गया है. इस घोष वाक्य युद्धाय सर्वसन्नद्ध है जिसका मतलब है युद्ध के लिए सदा तैयार रहो. इसके अलावा आइएनएस कोलकाता श्रेणी के ही स्वदेश निर्मित दो और विध्वंसक युद्धपोत कोच्चि एवं चेन्नई भी कुछ ही वर्षो में भारतीय नौसेना में शामिल हो जाएंगे.

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