परिसीमन पर रार: यूपी में 140 तो तमिलनाडु में 58 सीटें; चिदंबरम ने आंकड़ों से सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम, फोटो एक्स
Delimitation: केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का जोरदार विराध किया जा रहा है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने आंकड़ों के साथ सरकार पर हमला बोला. उनका दावा है कि इस कदम से दक्षिणी राज्यों की राजनीतिक आवाज दब जाएगी. उन्होंने कहा कि केरल और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्य भी इससे चिंतित हैं.
Delimitation: पी चिदंबरम ने 16 अप्रैल से संसद सत्र आयोजित किए जाने को सुनियोजित साजिश करार दिया. कहा- इसका उद्देश्य चुनाव प्रचार में व्यस्त तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के सांसदों को सत्र में भाग लेने से रोकना है. उन्होंने पूछा, चुनावों के बाद संसद सत्र आयोजित करने में क्या खतरा है? चुनाव के कारण कुल 67 सदस्य सत्र में भाग नहीं ले पाएंगे.
यूपी की सीट 80 से बढ़कर 140 हो जाएगी, जबकि तमिलनाडु को होगा घाटा: चिदंबरम
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट डाला जिसमें उन्होंने समझाया कि परिसीमन के बाद राज्यों में सीटों की स्थिति कितनी हो सकती है. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा- परिसीमन विधेयक को लेकर पिछले एक हफ्ते से मैं जिस आशंका को जाहिर कर रहा था, आज वह सच साबित हो गई है. लोकसभा में तमिलनाडु का मौजूदा प्रतिनिधित्व 39 है. बढ़कर 58 हो जाएगा. मैंने कहा था कि यह महज एक भ्रम है. जब परिसीमन किया जाएगा, तो यह 58 से घटकर 46 रह जाएगा. वहीं दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश की मौजूदा संख्या 80 है. यह पहले बढ़कर 120 होगी, और परिसीमन के बाद यह और बढ़कर लगभग 140 तक पहुंच जाएगी.
5 दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घटकर 20.7% रह जाएगा
पी चिदंबरम ने अपने ट्वीट में बताया- जनसंख्या को स्थिर कर चुके 5 दक्षिणी राज्यों का मौजूदा प्रतिनिधित्व 24.3% है. यह घटकर 20.7% रह जाएगा.
चिदंबरम ने परिसीमन विधेयक के खिलाफ विरोध करने का आह्वान किया
चिदंबरम ने आरोप लगाया कि लोकसभा में दक्षिणी राज्यों की आवाज दबाई जाएगी. उन्होंने परिसीमन विधेयक को नाकाम करने और एकमत होकर इसका विरोध करने का आह्वान किया. चिदंबरम ने 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि और राज्य में परिसीमन के प्रतिकूल प्रभावों पर चिंता व्यक्त की. कांग्रेस नेता ने कहा, अन्नाद्रमुक के महासचिव पलानीस्वामी की परिसीमन पर प्रतिक्रिया चौंकाने वाली है, जिसमें उन्होंने अमित शाह के इस आश्वासन का हवाला दिया है कि इससे तमिलनाडु प्रभावित नहीं होगा. चिदंबरम ने लोगों से केंद्र द्वारा शुरू की गई परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करने की भी अपील की.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
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करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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