दिल्ली सरकार के स्कूल में जाएंगी डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया, ''Happiness Class'' का लेंगी जायजा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने परिवार के साथ सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर भारत आ रहे हैं. वो अहमदाबाद में रोडशो के बाद नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे इसके बाद आगरा जा कर ताज महल का दीदार करेंगे. फिर, रात्रि विश्राम दिल्ली में करेंगे. मंगलवार को कई सारे कार्यकर्म प्रस्तावित हैं. इसी बीच खबर है कि अमेरिका की प्रथम महिला यानी डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया मंगलवार को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित सरकारी स्कूल में ‘हैप्पीनेस क्लास’ का जायजा लेने जाएंगी.

सूत्रों के अनुसार, मेलानिया ट्रंप दक्षिण दिल्ली में दिल्ली सरकार के स्कूल का दौरा करने और केजरीवाल सरकार द्वारा स्कूली बच्चों के बीच तनाव को कम करने के प्रयास के रूप में पेश किए गए ‘हैप्पीनेस क्लास’ के प्रभाव को देखने की संभावना है. बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे का समय मेलानिया सरकारी स्कूल के बच्चों के साथ बिताएंगी और देखेंगी कि ‘हैप्पीनेस क्लास’ का पाठ्यक्रम कैसे बच्चों को तनाव और अवसाद मुक्त करता है.

पहले खबरें थे के दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया इस दौरान मौजूद रहेंगे लेकिन दिल्ली सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों का नाम कार्यक्रम से हटा दिया गया है. इससे पहले दोनों नेता मेलानिया के साथ मौजूद रहने वाले थे, क्योंकि यह स्कूल दिल्ली सरकार के अंतर्गत आता है. आम आदमी पार्टी ने केंद्र के दबाव में दोनों नेताओं का नाम हटाने का आरोप लगाया है.

क्या है ‘हैप्पीनेस क्लास’
यह दिल्ली सरकार की रहल पर शुरू किया गया कार्यक्रम है. इसके तहत नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को रोजाना पहला पीरियड यानी 40 मिनट में हैप्पीनेस पर ध्यान दिया जाता है. हैप्पीनेस क्लास में बच्चों को कहानियां भी सुनाई जाती हैं. इस पाठ्यक्रम के तहत बच्चों से विभिन्न तरह की गतिविधि करायी जाती है. हर शनिवार को बच्चे कक्षा में अपने अनुभव साझा करते हैं. इस पाठ्यक्रम की परीक्षा नहीं होती. इस पाठ्यक्रम के शुरू होने के बाद बच्चों और शिक्षकों के बीच लगाव बढ़ा है.
दिल्ली सरकार के स्कूल में जाएंगी डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया,  ''Happiness Class'' का लेंगी जायजा
इस पाठ्यक्रम से पहले जो औपचारिक संबंध भर था कि शिक्षक कक्षा में आए हैं तो पढ़ाएंगे ही जैसी बात खत्म हुई है. पहली कक्षा के बच्चे इस पाठ्यक्रम की बदौलत स्कूलों से जुड़ाव महसूस करते है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का दावा है कि इससे बच्चे पढ़ाई में पहले से ज्यादा ध्यान लगा रहे हैं अपने माता-पिता और अध्यापकों की पहले से ज्यादा इज्जत कर रहे हैं और तनावमुक्त होकर पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं.
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