जम्मू कश्मीर: बकरीद पर सुरक्षा प्रतिबंधों में दी जा सकती है ढील, इंटरनेट सेवा पर बैन रहेगा जारी
Updated at : 08 Aug 2019 9:00 AM (IST)
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नयी दिल्ली:अनुच्छेद 370 पर नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है.जुम्मे की नमाज और बकरीद के मौके पर कश्मीर घाटी में लोगों को कुछ राहत देते हुए वहां लगी पाबंदियों में ढील जा सकती है. आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार घाटी की स्थिति पर करीबी […]
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नयी दिल्ली:अनुच्छेद 370 पर नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में माहौल शांतिपूर्ण बना हुआ है.जुम्मे की नमाज और बकरीद के मौके पर कश्मीर घाटी में लोगों को कुछ राहत देते हुए वहां लगी पाबंदियों में ढील जा सकती है. आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद केंद्र सरकार घाटी की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है. हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह ढील पूरी तरह से दी जाएगी या फिर आंशिक रूप से.
बकरीद का त्यौहार 12 अगस्त को मनाया जाएगा. जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को रद्द करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के लिए केंद्र सरकार के कदम उठाने से पहले जबरदस्त सुरक्षा प्रतिबंध लगाए गये थे.
#JammuAndKashmir: Latest visuals from Jammu as people move about for essential work. pic.twitter.com/sXBehw5tG4
— ANI (@ANI) August 8, 2019
सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार को जुमे की नमाज के मद्देनजर धारा 144 के तहत लागू कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है. वहीं 12 अगस्त को ईद-उल-अजहा भी है. ऐसे में इन मौकों पर सुरक्षा प्रतिबंधों में ढील देकर घाटी के लोगों के मूड का आकलन करने की कोशिश सरकार कर सकती है.
हालांकि, इसके बावजूद इंटरनेट सेवाओं और संचार सेवाओं के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को फिर भी नहीं हटाया जा सकता है क्योंकि इनका इस्तेमाल अलगाववादी समूह अफवाह फैलाने और स्थानीय लोगों को पत्थरबाजी या प्रदर्शन के लिए उकसाने में कर सकते हैं. एक अधिकारी ने बताया कि सरकार कश्मीर घाटी में लगाई गई पाबंदियों में कुछ ढील देने की योजनाओं पर काम करने की कोशिश कर रही है, ताकि लोग बकरीद मना सकें.
ऐसी संभावना है कि सरकार नजरबंद नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को तत्काल रिहा नहीं करेगी. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही नेताओं को रिहा किया जा सकेगा. वहीं, पाकिस्तान ने लगातार दूसरे दिन संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित अग्रिम भारतीय चौकियों और गांवों पर छोटे हथियारों से गोलीबारी की और मोर्टार दागे.
इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘बुधवार रात करीब सवा 10 बजे पाकिस्तान ने राजौरी के सुंदरबनी सेक्टर में मोर्टार दागे और छोटे हथियारों से गोलीबारी की. भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया.’हालांकि, पाकिस्तान की ओर से अकारण की गई गोलीबारी में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है. इस बीच पाकिस्तान ने अपने एयरस्पेस को भारत के लिए बंद कर दिया है.
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