MP डीजीपी की बयान- किडनैपिंग की बढ़ती घटनाओं के पीछे लड़कियों की स्वतंत्रता भी एक तथ्य
Updated at : 07 Jul 2019 11:42 AM (IST)
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भोपालः मध्य प्रदेश में लड़कियों की किडनैपिंग और महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध पर डीजीपी वीके सिंह का दिया एक बयान सुर्खियों में है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज कल एक नया ट्रेंड आईपीसी की 363 कू रूप में दिख रहा है. लड़कियां स्वतंत्र ज्यादा हो रही हैं. आज के समाज […]
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भोपालः मध्य प्रदेश में लड़कियों की किडनैपिंग और महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराध पर डीजीपी वीके सिंह का दिया एक बयान सुर्खियों में है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज कल एक नया ट्रेंड आईपीसी की 363 कू रूप में दिख रहा है. लड़कियां स्वतंत्र ज्यादा हो रही हैं. आज के समाज में लड़कियों की बढ़ती स्वतंत्रता एक तथ्य है. ऐसे मामलों में बढ़ोंतरी हुई है जिसमें वो घर से चली जाती है और रिपोर्ट दर्ज होती है किडनैपिंग की.
#WATCH MP DGP,VK Singh,"Ek naya trend IPC 363 ke roop mein dikha hai. Ladkiyaan swatantra zada ho rahi hain,aaj ke samaj mein ladkiyon ki badhti swatantrata ek tathya hai.Aise cases mein increase hua hai jismein wo ghar se chali jati hain aur report hoti hai kidnapping ki" (4Jul) pic.twitter.com/M42uCRquM1
— ANI (@ANI) July 7, 2019
डीजीपी का ये बयान ग्वालियर चंबल दौरे के दौरान आया है जब वो महिला संबंधी अपराधों पर जागरूकता के लिये तीन दिनों के संभाग के दौरे पर हैं.राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के पास आखिरी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2016 में मध्य प्रदेश में बच्चों के खिलाफ अपराध और अपहरण के 6016 मामले सामने आए हैं. बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने इस "गैर जिम्मेदाराना बयान" के लिए डीजीपी को नसीहत देते हुए कहा है "उन्हें इस तरह के सामान्य और गैर जिम्मेदाराना बयानों से बचना चाहिए. वह राज्य पुलिस के प्रमुख हैं. राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहा है, पुलिस उसे रोकने में नाकाम है,
बता दें हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए 800 करोड़ के केंद्रीय अनुदान की मांग की है.
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