#FANI : पुरी-भुवनेश्वर में भारी तबाही, रेल हवाई सेवा ठप, आठ की मौत, पश्चिम बंगाल में भी तांडव

Published at :04 May 2019 4:49 AM (IST)
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#FANI : पुरी-भुवनेश्वर में भारी तबाही, रेल हवाई सेवा ठप, आठ की मौत, पश्चिम बंगाल में भी तांडव

भुवनेश्वर /कोलकाता : 175 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार की प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ ने शुक्रवार की सुबह ओड़िशा तट पर दस्तक दी. कई जगहों पर तूफान की गति 225 किमी/घंटे तक रही. इस दौरान भारी बारिश भी हुई. कई पेड़ उखड़ गये, कई घर तबाह हो गये. प्रभावित क्षेत्रों में […]

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भुवनेश्वर /कोलकाता : 175 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार की प्रचंड हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ ने शुक्रवार की सुबह ओड़िशा तट पर दस्तक दी. कई जगहों पर तूफान की गति 225 किमी/घंटे तक रही. इस दौरान भारी बारिश भी हुई. कई पेड़ उखड़ गये, कई घर तबाह हो गये. प्रभावित क्षेत्रों में एहतियातन रेल, सड़क और हवाई यातायात को शनिवार तक पूरी तरह से बंद कर दिया गया है.

तीर्थनगरी पुरी व भुवनेश्वर में काफी तबाही मची है. भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन की छत, दीवारें, होर्डिंग्स हवा में उड़ गये. शुक्रवार की शाम तक आठ लोगों की जान जा चुकी है और 160 लोग घायल हुए हैं. 12 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ के कारण भुवनेश्वर में एम्स पीजी 2019 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की. यह परीक्षा पांच मई को निर्धारित थी. दरअसल, तूफान के कारण एम्स भुवनेश्वर में एक इमारत की छत का एक हिस्सा टूट गया. सभी छात्र, स्टॉफ और मरीज सुरक्षित हैं.
राज्य में संचार एवं विद्युत सेवाएं पूरी तरह ठप हो गयी हैं. एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित जिलों में तैनात हैं. मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिनों तक तेज हवाओं के साथ बारिश होगी. पुरी से आगे बढ़ने के बाद फोनी की रफ्तार धीमी पड़ी है.
हालांकि, ज्यों-ज्यों पश्चिम बंगाल की तरफ बढ़ रहा है. इसका असर बढ़ा है. प बंगाल के दीघा व आसपास के क्षेत्रों में 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चलीं. पश्चिम मेदिनीपुर व झाड़ग्राम जिले में भी तांडव मचाया. पच्चीस से अधिक लोग भी जख्मी हो गये. खड़गपुर शहर में कई मकानों के गिरने की खबर है.
फोनी @ 225 किमी/ घंटा
  • 220 से अधिक ट्रेनें कोलकाता-चेन्नई मार्ग पर आज तक के िलए रद्द
  • 12 लाख लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गये
  • 160 लोग हुए घायल
  • 03 दशक बाद ऐसा तूफान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम प्रभावित राज्यों को पूरी मदद करेंगे. चक्रवात से जूझ रहे राज्यों के लिए 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जारी कर चुके हैं. एनडीआएफ , कोस्टगार्ड, नौसेना और थल सेना पूरी मुस्तैदी के साथ प्रशासन के साथ जुटी हुई हैं. इस बीच बंग्लादेश ने तूफान से निपटने की तैयारियां पूरी कर ली हैं. 5.5 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. सेना को अलर्ट पर रखा गया है.
भागलपुर में आज बंद रहेंगे सभी स्कूल
भागलपुर. जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने फोनी तूफान की आशंका को देखते हुए शनिवार को सभी सरकारी व निजी स्कूल को बंद करने का निर्देश दिया है. जिला दंडाधिकारी के तौर पर उन्होंने धारा 144 के तहत आदेश पारित किया. बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान फोनी धीरे-धीरे बढ़ रहा है. इसका असर बिहार के भागलपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार को देखा गया. इसी के तहत जिलाधिकारी ने स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया है.
बिहार में भी फोनी का असर, चार की गयी जान
पटना : राजधानी सहित पूरे राज्य में फोनी का असर देखा गया. कहीं अधिक तो कहीं आंशिक असर हुआ. पटना सहित अधिकतर जिलों का मौसम अचानक बदल गया. तेज हवा के साथ बिजली चमकने लगी. बेतिया में तेज हवा के साथ बारिश हुई. इस दौरान दो स्थानों पर ठनका गिरने से एक युवती समेत दो की मौत हो गयी.
वहीं सीवान में भी पेड़ गिरने से एक की मौत हो गयी. छपरा में भी एक की मौत हो गयी. आंधी-पानी के साथ हुई बारिश से पटना के तापमान में पांच डिग्री की गिरावट आयी. वहीं आंधी-पानी से राज्य में फसलों को काफी नुकसान हुआ है.
असर
  • भुवनेश्वर में पांच मई की एम्स पीजी परीक्षा रद्द
  • कोलकाता एयरपोर्ट से उड़ानें स्थगित
  • भुवनेश्वर स्टेशन व एम्स की छत उड़ीं, दीवार िगरी
  • तीन राज्यों में संचार सेवा बाधित, कई टावर गिरे
  • इवीएम की सुरक्षा कड़ी चुनावी रैलियां रद्द
ग्लोबल वार्मिंग का असर : मॉनसून से पहले आये तूफान से सभी हैरान
अमूूमन ऐसा तूफान मॉनसून बाद सितंबर से नवंबर में आता है, मई में फोनी के आगमन से सभी हैरान हैं. 1976 के बाद यह पहला ऐसा तूफान है, जिसका निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ. ग्लोबल वॉर्मिंग से ऐसी स्थिति पैदा हुई है.
आजादी के बाद पूर्वी तट से टकरानेवाला यह चौथा खतरनाक चक्रवात है. अमूमन तूफान या तो ओड़िशा तट पर खत्म हो जाता है या पश्चिम बंगाल के तटों की तरफ बढ़ जाता है.
चक्रवात की शुरुआत जितनी धीमी होती है, उसका प्रभाव उतना ही खतरनाक होता है. वजह यह कि धीमा होने से चक्रवात को नमी व ऊर्जा को एकत्रित करने का वक्त मिलता है. लैंडफॉल के बाद यह और भी खतरनाक हो जाता है.
हेल्पलाइन नंबर -1938
तैयारी : एनडीआरएफ की 60 टीमें, नौसेना के छह पोत, एयरफाेर्स के दो सी-17 विमान व तटरक्षक बल के छह पोत तैनात.
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