दुनिया ने अभिनंदन को कहा ऐसी शख्सियत जिसकी अमिट रहेगी निशानी, पिता के पास है 40 तरह के विमान उड़ाने का अनुभव
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 Mar 2019 7:30 AM (IST)
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सप्ताह की शख्सियत की मीडिया पड़ताल में इस बार हर किसी की जुबां पर बस एक ही नाम है, विंग कमांडर अभिनंदन. चार दिनों से दुनियाभर की मीडिया की सुर्खियों और लोगों की बहस का केंद्र रहे अभिनंदन जब भारत लौट चुके हैं और देश उनकी वापसी का जश्न मना चुका है, उनकी वीरता और […]
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सप्ताह की शख्सियत की मीडिया पड़ताल में इस बार हर किसी की जुबां पर बस एक ही नाम है, विंग कमांडर अभिनंदन. चार दिनों से दुनियाभर की मीडिया की सुर्खियों और लोगों की बहस का केंद्र रहे अभिनंदन जब भारत लौट चुके हैं और देश उनकी वापसी का जश्न मना चुका है, उनकी वीरता और दिलेरी को रेखांकित करने का काम जारी है.
अभिनंदन इस सप्ताह की शख्सियत तो हैं, दुनियाभर के मीडिया ने उनके विषय में यही कहा- अभिनंदन वह शख्सियत, जिनकी निशानी कभी नहीं मिटेगी.
21 जून, 1983 को जन्मे अभिनंदन का भारतीय वायु सेना के साथ पीढ़ियों पुराना रिश्ता है. वह आज मिग-21 उड़ाते हैं और उनके पिता सिंहकुट्टी वर्धमान मिग-21 उड़ा चुके हैं. दुश्मन की सेना की हिरासत में रहते हुए भी उन्होंने देश की वायुसेना और अपने बारे में कोई भी संवेदनशील जानकारी देने से पूरी सख्ती से इंकार कर दिया और अपनी जान हथेली पर लिए चाय की चुस्कियां लेते दिखे.
पिता के पास है 40 तरह के विमान उड़ाने का अनुभव
पांच वर्ष पहले ही सेवानिवृत्त हुए अभिनंदन के पिता मार्शल (सेवानिवृत्त) एस वर्धमान उन चुनिंदा पायलट में से हैं, जिनके पास 4 हजार घंटे से ज्यादा तक 40 तरह के विमान उड़ाने का अनुभव हासिल हैं. वह करगिल युद्ध में मिराज स्क्वाड्रन के चीफ ऑपरेशंस ऑफिसर थे.
अभिनंदन को मिलेगा पहला भगवान महावीर अहिंसा अवॉड
नासिक : भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को ‘भगवान महावीर अहिंसा पुरस्कार’ से सम्मानित किया जायेगा. वह अखिल भारतीय दिगंबर जैन महासमिति द्वारा शुरू किये गये ‘भगवान महावीर अहिंसा पुरस्कार’ पाने वाले पहले व्यक्ति होंगे. संगठन के एक पदाधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी.
मिग-21 के पायलट वर्धमान ने 27 फरवरी को हवाई लड़ाई में पाकिस्तानी वायु सेना के एफ-16 विमान को मार गिराया था. इसके तुरंत बाद उन्हें पाकिस्तान सेना ने पकड़ लिया था. अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान को उन्हें छोड़ना पड़ा.
एक मार्च को देश का यह जाबांज योद्धा स्वदेश लौटा. संगठन की महाराष्ट्र इकाई के संयोजक पारस लोहाडे ने यहां कहा कि संगठन के अध्यक्ष मणींद्र जैन नयी दिल्ली में लड़ाकू विमान के पायलट को पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की. लोहाडे ने कहा कि इसी साल शुरू किये गये इस पुरस्कार के तहत 2.51 लाख रुपये का नकद पुरस्कार, एक स्मृति चिह्न और एक प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा. 17 अप्रैल को महावीर जयंती के अवसर पर वर्धमान को यह पुरस्कार दिया जायेगा.
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