रायबरेली में होती रही है विरासत की सियासत, जानिए कौन-कब रहे हैं सांसद

Updated at : 25 Feb 2019 7:12 AM (IST)
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रायबरेली में होती रही है विरासत की सियासत, जानिए कौन-कब रहे हैं सांसद

इंदिरा गांधी की रही है सीट, 2004 से सोनिया गांधी हैं यहां की सांसद यह सीट 1952 में अस्तित्व में आयी. तब से 2014 तक यहां 16 बार आम चुनाव और तीन बार उपचुनाव हुए. इनमें से 16 बार के चुनावों-उपचुनावों में यहां के लोगों ने कांग्रेस को बहुमत दिया. इस सीट को गांधी परिवार […]

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इंदिरा गांधी की रही है सीट, 2004 से सोनिया गांधी हैं यहां की सांसद
यह सीट 1952 में अस्तित्व में आयी. तब से 2014 तक यहां 16 बार आम चुनाव और तीन बार उपचुनाव हुए. इनमें से 16 बार के चुनावों-उपचुनावों में यहां के लोगों ने कांग्रेस को बहुमत दिया. इस सीट को गांधी परिवार के भी सीट के तौर पर पहचाना जाता है.
दरअसल, कांग्रेस की 16 बार की जीत में से 12 बार गांधी परिवार के ही फिरोज गांधी (एक बार), इंदिरा गांधी (तीन बार), अरुण गांधी (दो बार), शीला कौल (दो बार) और सोनिया गांधी (चार बार) यहां के सांसद चुनी गयीं. फिरोज गांधी इंदिरा गांधी के पति थे और 1957 में वह यहां से सांसद बने थे. गांधी परिवार से बाहर के जो कांग्रेसी यहां के सांसद बने, उनमें आरपी सिंह, बैद्यनाथ कुरील और कैप्टन सतीश शर्मा थे. कुरीन 1962 में तब सांसद बने थे, जब एक बार लिए यह सीट एससी के लिए आरक्षित हुआ था.
1952 से 1971 तक कांग्रेस ही इस सीट से चुनाव जीतती रही. 1971 के इंदिरा गांधी जब दूसरी बार चुनाव लड़ रही थीं, तब उनके सामने एसएसपी के राज नारायण थे. इंदिरा चुनाव जीत गयी. राज नारायण ने धांधली का आरोप लगाया. इलाहाबाद हाइकोर्ट ने फैसला इंदिरा गांधी के विरुद्ध दिया और उन्होंने अपातकाल की घोषणा कर दी. लिहाजा, 1977 के चुनाव में राज नारायण जीते. यहां कांग्रेस की यह पहली हार थी.
1980 में गांधी करीब तीसरी बार सांसद चुनी गयीं. उसके बाद के एक उपचुनाव और तीन चुनावों में कांग्रेस के अरुण नेहरू और शीला दीक्षित जीतीं. 1996 व 1998 के चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस को हराया. 1999 में कैप्टन सतीश शर्मा की जीत के साथ कांग्रेस ने इस सीट पर वापसी की और उनकी जीत के बाद 2004 से 2014 तक हुए तीन चुनावों और एक उपचुनाव में सोनिया गांधी को रायबरेली की जनता ने अपना सांसद चुना.
चार बार से सांसद
2004 में सोनिया गांधी लगभग 2.50 लाख वोटों के अंतर से पहली बार चुनाव जीतीं थीं. 2006 में लाभ के पद के विवाद में उन्हें लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना पड़ा था, मगर उसी साल हुए उपचुनाव में पिछली बार से भी ज्यादा 4.18 लाख वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. 2009 में 3.72 लाख और 2014 में मोदी लहर के बावजूद वह 3.52 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीती.
कौन-कब रहे सांसद
आरपी सिंह : 1952, 1960 (उपचुनाव)
ब्रजनाथ कुरील : 1962
इंदिरा गांधी : 1967, 1971, 1980
राजनाथ : 1977
अरुण नेहरू : 1980 (उपचुनाव), 1984
शीला कौल : 1989, 1991
अशोक पांडेय : 1996, 1998
सतीश शर्मा : 1999
सोनिया गांधी : 2004, 2006 (उपचुनाव), 2009, 2014
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