नयी दिल्ली : उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में अपने घर में मृत पाए गए 11 लोगों में से छह के पोस्टमार्टम में संघर्ष के कोई संकेत नहीं मिले हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आज यह बताया. एक ही परिवार के 11 सदस्य कल अपने घर के भीतर रहस्यमयी परिस्थितियों में मृत मिले थे. इनमें सात महिलाएं और दो बच्चे भी थे. अधिकारी के मुताबिक दो बच्चों समेत छह लोगों का पोस्टमार्टम किया गया है और अब तक पुलिस को गला घोंटने या हाथापाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं.
घटनास्थल से मिले हाथ से लिखे कुछ नोट्स को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि यह मामला सोच – समझकर कीगयी आत्महत्या का है जो किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए कीगयीहै. अधिकारी के मुताबिक कुछ नोट्स पर लिखा है कि ‘‘कोई मरेगा नहीं ‘ बल्कि कुछ ‘‘महान ‘ हासिल कर लेगा. पुलिस ने बताया कि दस लोग फांसी से लटके थे जबकि 77 वर्षीय महिला घर के एक अन्य कमरे में मृत मिली थीं. फांसी से लटके पाए गए लोगों के चेहरे पर टेप लगे थे और उनके चेहरे जिन कपड़ों के टुकड़ों से ढके हुए थे वह एक ही चादर से काटे गए थे.
बुजुर्ग महिला का चेहरा ढका हुआ नहीं था और उनका कथित तौर पर गला घोंटा गया था. पुलिस ने बताया कि उनका पोस्टमार्टम जारी है. अंतिम संस्कार के लिए शवों को इस दोपहर परिवार को सौंप दिया जाएगा. मृतकों की पहचान नारायण देवी (77), उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो बेटे भावनेश (50) और ललित भाटिया (45) के रूप में हुई है. भावनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे मीनू (23), निधि (25) और ध्रुव (15), ललित भाटिया की पत्नी टीना (42) और उनका 15 वर्ष का बेटा शिवम, प्रतिभा की बेटी प्रियंका (33) भी मृत मिले. प्रियंका की पिछले महीने ही सगाई हुई थी और इस साल के अंत तक उसकी शादी होनी थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि मीनू प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी जबकि निधि स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही थी.
यह खबर भी पढ़ें :

