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पीएम नरेंद्र मोदी ने एशिया की सबसे लंबी जोजिला सुरंग की आधारशिला रखी

Updated at : 19 May 2018 11:05 AM (IST)
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पीएम नरेंद्र मोदी ने एशिया की सबसे लंबी जोजिला सुरंग की आधारशिला रखी

लेह :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया की सबसे लंबी और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग की आज आधारशिला रखी. यह सुरंग श्रीनगर , करगिल और लेह के बीच सभी मौसमों में संपर्क मुहैया कराएगी. लेह , कश्मीर और जम्मू क्षेत्रों के एक दिवसीय दौरे पर आये प्रधानमंत्री ने यहां बौद्ध आध्यात्मिक गुरू 19 वें […]

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लेह :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशिया की सबसे लंबी और सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जोजिला सुरंग की आज आधारशिला रखी. यह सुरंग श्रीनगर , करगिल और लेह के बीच सभी मौसमों में संपर्क मुहैया कराएगी. लेह , कश्मीर और जम्मू क्षेत्रों के एक दिवसीय दौरे पर आये प्रधानमंत्री ने यहां बौद्ध आध्यात्मिक गुरू 19 वें कुशक बाकुला रिनपोछे की 100 वीं जयंती के समापन समारोह में भी भाग लिया. इस सुरंग के निर्माण से जोजिला दर्रे को पार करने का समय साढ़े तीन घंटे से घटकर मात्र 15 मिनट हो जाएगा.

जोजिला दर्रा श्रीनगर – करगिल – लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फुट की ऊंचाई पर स्थित है और सर्दियों में भारी हिमपात के कारण यह बंद हो जाता है जिससे लद्दाख क्षेत्र का कश्मीर से सड़क संपर्क टूट जाता है. इस परियोजना में 14.15 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने का लक्ष्य है जिसमें दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही होगी. एक समारोह में यहां मोदी ने कहा कि राज्य के तीनों क्षेत्रों में आज 25,000 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाओं का या तो उद्घघाटन किया जाएगा या उनकी आधारशिला रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह राज्य के तेजी से विकास की ओर केंद्र और प्रदेश सरकारों की प्रतिबद्धता दिखाता है.

प्रधानमंत्री ने पांच साल में निर्माण कार्य पूरा होने के लक्ष्य के साथ 6,809 करोड़ रुपये लागत वाली जोजिला सुरंग का शिलान्यास किया. उन्होंने कहा , ‘ मैंने संबंधित मंत्रालय से कहा है कि वह इस परियोजना के पूरा होने के समय को कम करने के रास्ते तलाशे.’ प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा , ‘ इस सुरंग से इन क्षेत्रों का आर्थिक और सामाजिक – सांस्कृतिक एकीकरण होगा. यह सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है.’ मोदी ने कहा कि जब वह मंगोलिया गये तो उन्हें पता चला कि वहां लोग यह नहीं जानते कि प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति क्या होता है लेकिन उन्हें कुशक बाकुला रिनपोछे के बारे में पता था जो वहां भारत के राजदूत थे. मोदी मंगोलिया जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.

उन्होंने कहा , ‘ हम 19 वें कुशक बाकुला रिनपोछे के समृद्ध योगदान को याद करते हैं. उन्होंने दूसरों की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया. ‘ उन्होंने कहा कि उन्हें विकास कार्य आगे बढ़ाने के लिए एक ही दिन में जम्मू कश्मीर के सभी तीन क्षेत्रों का दौरा करने का मौका मिल रहा है. मोदी ने कहा , ‘ जम्मू कश्मीर के प्रत्येक नागरिक को गर्व होगा कि केंद्र और राज्य सरकार इतनी तेजी से विकास कर रही है.’ उन्होंने कहा कि निवेश की गयी धनराशि स्थानीय परिवारों के पास जाएगी क्योंकि इन परियोजनाओं के जरिये रोजगार पैदा होगा.

मोदी ने अपनी सरकार बनने के बाद देश में चल रहे विकास कार्यों पर कहा कि 18,000 गांवों को 1,000 दिनों के भीतर बिजली मुहैया करायी गयी. इन गांवों को आजादी के बाद से बिजली नहीं मिली थी. उन्होंने कहा कि देश में आजादी के 70 साल बाद चार करोड़ घरों को बिजली नहीं मिली थी , उन्हें डेढ़ साल के भीतर बिजली के कनेक्शन दिए जाएंगे. प्रधानमंत्री का श्रीनगर में शेर – ए – कश्मीर अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस केंद्र में 330 मेगावाट की किशनगंगा जल विद्युत संयंत्र राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम भी है

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