आधार योजना पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने शेयर की पेंशन के लिए बीमार मां की पीड़ा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 10 May 2018 11:40 AM
नयी दिल्ली : आधार मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश वाई वी चंद्रचूड़ के बेटे न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने आज अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुये कहा कि अल्जाइमर से पीड़ित उनकी मां को पेंशन के लिए प्रमाणीकरण के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ आधार […]
नयी दिल्ली : आधार मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व प्रधान न्यायाधीश वाई वी चंद्रचूड़ के बेटे न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने आज अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुये कहा कि अल्जाइमर से पीड़ित उनकी मां को पेंशन के लिए प्रमाणीकरण के दौरान मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ आधार योजना और 2016 के इसे प्रभावी बनाने वाले कानून की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई कर रही प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के सदस्य हैं.
मामले पर सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि आधार प्रमाणीकरण में विफलता से जरूरतमंदों के सामने समस्या आ सकती है और इसके लिए कोई समाधान तलाशा जाना चाहिए. पीठ में न्यायमूर्ति ए के सीकरी , ए एम खानविलकर और अशोक भूषण भी शामिल हैं. अपना अनुभव याद करते हुये न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा , ‘ पूर्व प्रधान न्यायाधीश ( दिवंगत न्यायमूर्ति वाई वी चंद्रचूड़ ) की पत्नी होने के नाते मेरी मां जो अल्जाइमर से पीड़ित हैं वह पारिवारिक पेंशन की हकदार हैं.’
उन्होंने कहा , ‘ उन्हें प्रमाणीकरण के लिए अंगूठे का निशान देना था. मुझे याद है कि हर महीने बैंक प्रबंधक या उनके प्रतिनिधि घर आते थे और कुछ दस्तावेजों पर उनके अंगूठे का निशान लेते थे जिसके बाद ही उन्हें पेंशन मिल सकती थी.’ न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा , ‘ इसलिए यह ( प्रमाणीकरण ) गंभीर मुद्दा है. यह उदारता नहीं है. यह धर्मार्थ नहीं है … हमें इन समस्याओं का जवाब तलाशना होगा.’ उन्होंने कहा कि ऐसे जरूरतमंद लोगों का एक वर्ग है जिन्हें प्रमाणीकरण की विफलता की वजह से लाभ नहीं मिल पाता.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










