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मनसे के आह्वान पर मुंबई में ओला, उबर के ड्राइवरों की बेमियादी हड़ताल, लोग हलकान

Updated at : 19 Mar 2018 10:59 PM (IST)
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मनसे के आह्वान पर मुंबई में ओला, उबर के ड्राइवरों की बेमियादी हड़ताल, लोग हलकान

मुंबई : ऐप के जरिये कैब सेवा मुहैया करानेवाली ओला और उबर कंपनियों के ड्राइवरों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने के कारण मुंबई में सोमवार को यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. राज ठाकरे की अगुवाईवाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की परिवहन शाखा के आह्वान पर ओला और उबर के कैब ड्राइवर […]

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मुंबई : ऐप के जरिये कैब सेवा मुहैया करानेवाली ओला और उबर कंपनियों के ड्राइवरों के बेमियादी हड़ताल पर चले जाने के कारण मुंबई में सोमवार को यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. राज ठाकरे की अगुवाईवाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की परिवहन शाखा के आह्वान पर ओला और उबर के कैब ड्राइवर हड़ताल पर गये हैं.

महाराष्ट्र नवनिर्माण वाहतुक सेना के अध्यक्ष संजय नाइक ने बताया, ‘ऐप के जरिये कैब मुहैया करानेवाली कंपनियों से बातचीत जारी है. हड़ताल (खत्म करने) को लेकर मंगलवारको फैसला हो सकता है.’ नाइक ने कहा कि ओला और उबर के लिए कैब चलानेवाले ड्राइवरों की कम आमदनी के विरोध में हड़ताल बुलायी गयी है. हर रोज ऐप आधारित कैब सेवा का इस्तेमाल कर दफ्तर जानेवाले लोगों को सोमवार को काफी लंबा इंतजार करना पड़ा, क्योंकि हड़ताल के कारण इन की संख्या काफी कम थी. होटल कारोबारी बेनयफर कपाडिया ने ट्वीट किया, ‘मुझे भी ऐसे ही हालात का सामना करना पड़ा. कोई कैब परेल से पवई आने के लिए तैयार नहीं थी.’ नाइक ने कहा कि ओला और उबर की करीब 1.30 लाख कैब में से 99 फीसदी सड़कों से नदारद थी, हालांकि ओला और उबर ने इन की संख्या नहीं बतायी.

मनसे नेता नाइक ने बताया कि इन कैब के ड्राइवर अपने गिरते कारोबार के कारण लागत भी नहीं वसूल पा रहे. उन्होंने कहा, ‘हम कैब कंपनियों से अपेक्षा करते हैं कि वे सरकार से चर्चा करे कि वे कैसे काली-पीली टैक्सियों और सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों के बराबर लाये जा सकते हैं.’ मुंबई पुलिस ने इन खबरों को खारिज किया कि हड़ताल समर्थकों ने मरोल और घाटकोपर इलाकों में कारें रोकी और ओला एवं उबर की उन कैब के शीशे तोड़ दिये जिन्होंने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया. उबर ने कहा कि कंपनी अपने ग्राहकों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है. कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘हम अपने ग्राहकों और ड्राइवर समुदाय से कुछ लोगों के समूह की ओर से पैदा की गयी दिक्कत के लिए खेद प्रकट करते हैं. हम शहर की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं और सुनिश्चित करेंगे कि ड्राइवर साझेदारों को कमाई के स्थिर मौके मिलना जारी रहे और यात्रियों को शहर में सुविधाजनक विकल्प मुहैया कराते रहें.’

उबर ने बंबई उच्च न्यायालय की ओर से यूनियनों, उनके नेताओं और अन्य पर उबर ड्राइवर साझेदारों की गतिविधियां बाधित करने पर लगायी रोक की तरफ इशारा किया. ओला के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को पुलिस की ओर से बताया गया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाये गये हैं. शहर की सबसे बड़े टैक्सी यूनियन मुंबई टैक्सीमेन यूनियन ने कहा कि वह हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहा. यूनियन के महासचिव ए एल क्वाड्रोस ने कहा, ‘ हम हड़ताल का समर्थन नहीं कर रहे. ओला और उबर ने शरारती टैक्सी ड्राइवरों को रखा हुआ है और जब वे सड़कों पर नहीं थे तो यातायात सुचारू रूप से चल रहा था.’

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