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प्रिया प्रकाश को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, FIR पर रोक

Updated at : 21 Feb 2018 2:21 PM (IST)
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प्रिया प्रकाश को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत, FIR पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मलयालम अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर और फिल्म ‘ओरु अदार लव’ के निर्देशक को फौरी राहत देते हुए विवादित गाने ‘माणिक्या मलराया पूवी’ को लेकर दर्ज सभी आपराधिक मुकदमों पर रोक लगा दी. देश की शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वकील […]

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सुप्रीम कोर्ट ने मलयालम अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर और फिल्म ‘ओरु अदार लव’ के निर्देशक को फौरी राहत देते हुए विवादित गाने ‘माणिक्या मलराया पूवी’ को लेकर दर्ज सभी आपराधिक मुकदमों पर रोक लगा दी.

देश की शीर्ष अदालत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने वकील हरीश बीरन की दलीलें सुनने के बाद प्रिया प्रकाश एवं फिल्म के निर्देशक ओमर अब्दुल वहाब के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों पर अगले आदेश तक रोक लगायी. शीर्ष अदालत ने इस मामले में तेलंगाना और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भी जारी किये.

गौरतलब है कि मलयाली फिल्म ‘ओरु अदार लव’ के गाने को लेकर प्रिया प्रकाश और उनके निर्देशक उमर अब्दुल वहाब के खिलाफ तेलंगाना और महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. शिकायत में कहा गया है कि गाने के बोल में जिस तरह पैगम्बर मोहम्मद की पत्नी का जिक्र किया गया है, वह आपत्तिजनक है. इस गाने से मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं, इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए.

इसके बाद ‘ओरू अदार लव’ के मेकर्स की ओर से दायर की गयी याचिका में कहा गया कि अपनी फिल्म के गाने से कथित तौर पर धार्मिक भावनाएं आहत होने को लेकर दर्ज प्राथमिकी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. वारियर ने न्यायालय से राज्यों को यह निर्देश देने की मांग की है कि वे गाने को लेकर शिकायतों पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न करें.

‘ओरू अदार लव’ के मेकर्स की ओर से दी गयी याचिका में कहा गया कि इस गीत को मूल रूप से केरल के एक पुराने लोक गीत के तौर पर पीएमए जब्बार द्वारा 1978 में लिखा गया था, जिसे पहली बार थलासेरी रफीक ने पैगम्बर और उनकी पत्नी खदीजा की प्रशंसा में गाया गया था. बिना किसी आधार के यह दावा किया गया कि यह मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को नुकसान पहुंचाता है. यह समझना मुश्किल है कि पिछले 40 सालों से जो गाना आस्तित्व में है, जिसे मुस्लिमों ने ही लिखा और केरल में मुस्लिम समुदाय की ओर से पोषित हुए इस गीत को अब पैगम्बर और उनकी पत्नी के अपमान के रूप में माना जा रहा है.

उन्होंने अपनी याचिका में अभिव्यक्ति और व्यवसाय की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हवाला दिया है. उन्होंने कहा है कि ‘ओरु ओदार लव’ के गाने के गलत अनुवाद को आधार बना कर कुछ लोगों ने केस दर्ज करवाये हैं. प्रिया वारियर के खिलाफ तेलंगाना और महाराष्ट्र में केस दर्ज कराया गया है. उन्होंने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय उन्हें मौजूदा और ऐसे मुकदमों से संरक्षण दे.

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