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वैसे परिवार जो इलाज के दौरान दिवालिया हो जाते थे, उनके लिए राहत है ''मोदीकेयर'' : नड्डा

Updated at : 02 Feb 2018 3:35 PM (IST)
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वैसे परिवार जो इलाज के दौरान दिवालिया हो जाते थे, उनके लिए राहत है ''मोदीकेयर'' : नड्डा

नयी दिल्ली : आम बजट 2018 में 50 करोड़ आबादी को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमादेने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसे देश की आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला कदम बताया. स्वास्थ्य बीमा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जो परिवार बीमारी […]

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नयी दिल्ली : आम बजट 2018 में 50 करोड़ आबादी को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमादेने की घोषणा के ठीक एक दिन बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इसे देश की आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला कदम बताया. स्वास्थ्य बीमा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि जो परिवार बीमारी के कारण दिवालिया हो जाते थे, उनके लिए यह क्रांतिकारी कदम है. उन्होंने कहा कि हम स्वास्थ्य की दिशा में नये कदम उठा रहे हैं. अगर हमारे पास स्वस्थ नागरिक होंगे, तो हमारी उत्पादकता ज्यादा होगी. पहले प्राइमरी हेल्थ सेंटर में मां और बच्चे के हेल्थकेयर पर ध्यान दिया जाता था. अब उसी केंद्र को ‘हेल्‍थ एंड वेलनेश सेंटर’ के तौर पर डेवलप किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि इस सेंटर पर कम्‍यूनिकेबल और नॉन कम्‍यूनिकेबल दोनों तरह की बिमारियों को कवर करेंगे. जेपी नड्डा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मोदी केयर को नमो केयर का नाम देते हुए कहा कि इससे सामाजिक-आर्थिक विकास होगा जिसका देश को लाभ होगा. उन्होंने कहा कि इस बीमा योजना का पूरा प्रीमियम सरकार देगी. इस बीच सूत्रों के हवाले से खबर है कि मोदी सरकार की इस महत्वाकांक्षी बीमा योजना का 60 प्रतिशतखर्च केंद्र और 40 प्रतिशत खर्च राज्य वहन करेंगे. संभव है कि इसी अनुपात में दोनों इसके प्रीमियम का भुगतान करें.

गौरतलब है कि बजट में 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों के लिए पांच लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा कराने की घोषणा की गयी है. इस बीमा के तहत बीमारी की स्थिति में कोई भी परिवार एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज करा पायेगी. मधुमेह व रक्तचाप की बीमारी को लेकर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है. अगर हम सही वक्त पर रक्तचाप की समस्या की पहचान कर लेते हैं तो किडनी की बीमारी की समस्या से निबटा जा सकता है. कैंसर की बीमारी की पहचान प्रांरभिक अवस्था में हो जाये तो इस पर काबू पाया जा सकता है.
जेपी नड्डा ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक टीबी की बीमारी खत्म करने का लक्ष्य रखा है. तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा गया है. 24 नये मेडिकल कॉलेज स्थापित किये जायेंगे. सुपरस्पेशयलिटी ब्लॉक स्थापित किये जायेंगे.स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री डायलिसिस प्रोग्राम से दो लाख परिवारों को फायदा हुआ है.

केंद्र सरकार राज्यों को हर तरह के वित्तीय और तकनीकी मदद देने के लिए तैयार है, ताकि वे हेल्थकेयर से जुड़ें इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर सकें. ये ब्लॉक तृतीयक हेल्थकेयर सेवा प्रदान करेंगी. देश में अभी तक 12 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले गये हैं. इनका मुख्य उद्देश्य प्रीवेंटिव और प्रोमोटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देगा.
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