बर्गर खाया तो प्रवक्ता पद से छुट्टी, विजेता दहिया पर CJP का एक्शन

विजेता दहिया, फोटो- सोशल मीडिया
Vijeta Dahiya Burger: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है. पार्टी ने कहा कि दहिया का व्यवहार आंदोलन की भावना के खिलाफ था, जिसपर पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है.
Vijeta Dahiya Burger: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. यह कार्रवाई उस वायरल वीडियो के बाद की गई, जिसमें दहिया संसद मार्च के दौरान दिल्ली के एक फास्ट-फूड आउटलेट में बर्गर खाते नजर आए. हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दहिया के व्यवहार की कड़ी आलोचना की. कॉजपा ने कहा कि जिस समय शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं पर पुलिस बल प्रयोग कर रही थी, उसी दौरान सामने आए इस वीडियो ने संगठन की छवि को नुकसान पहुंचाया. पार्टी के मुताबिक, यह आचरण उसके सिद्धांतों और आंदोलन की भावना के विपरीत है. इसी के चलते विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाने के साथ उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां भी वापस ले ली गईं.
वायरल वीडियो के बाद उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, तब दहिया विरोध स्थल पर मौजूद रहने के बजाय रेस्तरां में क्यों थे. इसी विवाद के बाद पार्टी ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की.
विजेता दहिया ने दी सफाई
वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए विजेता दहिया ने कहा कि वह संसद मार्च में शामिल हुए थे और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वहां से चले गए. उन्होंने कहा कि उन्हें काफी भूख लगी थी, इसलिए उन्होंने खाना खाया. दहिया ने यह भी कहा कि लोग सिर्फ उनके बर्गर खाने की बात कर रहे हैं, लेकिन यह नहीं देख रहे कि वह और आंदोलन में शामिल कई लोग लगातार दो रातों से नहीं सोए थे. उन्होंने बताया कि मार्च से निकलने के बाद वह पहले घर गए, नहाया और फिर खाना खाने पहुंचे.
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संसद मार्च के अगले दिन भी जारी है छात्रों का प्रदर्शन
कॉजपा के संसद मार्च के एक दिन बाद मंगलवार को सैकड़ों छात्र, अभिभावक और समर्थक फिर जंतर-मंतर पहुंचे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस की कार्रवाई से उनका आंदोलन कमजोर नहीं बल्कि और मजबूत हुआ है. उन्होंने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई.
छात्रों ने कहा- पुलिस कार्रवाई से आंदोलन और मजबूत हुआ
संसद मार्च में शामिल दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा साक्षी चंदा ने कहा कि पुलिस की कथित बर्बरता ने छात्रों का संकल्प और मजबूत कर दिया है. उन्होंने कहा कि आंदोलन कई लोगों के त्याग और संघर्ष से खड़ा हुआ है और जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. साक्षी चंदा की मां ने कहा कि बच्चों के भविष्य के सवाल पर अभिभावकों का साथ खड़ा होना जरूरी है. उनका कहना था कि छात्र अपनी शिक्षा और करियर से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और उनकी आवाज सुनी जानी चाहिए.
पेपर लीक से आगे बढ़ा आंदोलन
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन अब सिर्फ कथित पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता तय करने की मुहिम बन चुका है. जंतर-मंतर पर लगातार धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो और एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे जैसे नारे लगाए गए. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संसद मार्च के दौरान उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोका गया और उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया. छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा.
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By प्रीतीश सहाय
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