भारत कर रहा है सबसे ज्यादा SO2 का उत्सर्जन, तेजाब की बारिश का खतरा बढ़ा
Updated at : 10 Nov 2017 1:06 PM (IST)
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नयी दिल्ली/ वाशिंगटन : राजधानी दिल्ली में जारी स्मॉग के कहर के बीच ऐसी खबर आयी है जो देश के लोगों की चिंता बढ़ा सकती है. भारत में वायु प्रदूषक कहलाने वाले सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) का उत्सजर्न 2007 से अब तक 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है जबकि चीन में इसमें 75 प्रतिशत तक गिरावट […]
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नयी दिल्ली/ वाशिंगटन : राजधानी दिल्ली में जारी स्मॉग के कहर के बीच ऐसी खबर आयी है जो देश के लोगों की चिंता बढ़ा सकती है. भारत में वायु प्रदूषक कहलाने वाले सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) का उत्सजर्न 2007 से अब तक 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है जबकि चीन में इसमें 75 प्रतिशत तक गिरावट आयी है. इसका खुलासा नये अनुसंधान के बाद आया है. अनुसंधान में दावा किया गया है कि भारत में उत्सर्जन नियंत्रण के तरीकों को लागू करना अभी बाकी है जबकि उसका पड़ोसी देश ऐसा कर चुका है.
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के अनुसंधानकर्ताओं ने दावा किया है कि भारत सल्फर डाइऑक्साइड उत्सर्जन करने वाला विश्व का शीर्ष देश बन रहा है. सल्फर डाइऑक्साइड एक वायु प्रदूषक है जो तेजाब की बारिश (एसिड वर्षा), धुंध और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं के लिए जिम्मेदार पाया गया है. सल्फर डाइऑक्साइड जब जल में घुल जाता है तो वह एसिड में बदल जाता है जिससे तेजाब की बारिश का खतरा बढ़ जाता है. यह मुख्यत: बिजली उत्पादन के लिए कोयला जलाने के कारण बनता है.
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अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि चीन और भारत विश्व के शीर्ष कोयला उपभोक्ता हैं. कोयले में तीन प्रतिशत तक सल्फर होता है. हालिया अध्ययन के परिणामों के मुताबिक चीन में सल्फर के उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए किये जा रहे प्रयास कारगर साबित हुए हैं. इन प्रयासों में प्रदूषण फैलाने वाली संस्थाओं पर जुर्माना, उत्सर्जन को कम करने के लिए लक्ष्य निर्धारण और उत्सर्जन सीमा को कम करने जैसे कदम शामिल हैं.
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