ब्रिक्स सम्मेलन : आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठायेगा भारत, मोदी की जिनपिंग से अलग से हो सकती है मुलाकात

Updated at : 01 Sep 2017 10:26 PM (IST)
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ब्रिक्स सम्मेलन : आतंकवाद का मुद्दा मजबूती से उठायेगा भारत, मोदी की जिनपिंग से अलग से हो सकती है मुलाकात

नयी दिल्ली : चीन की मेजबानी में अगले हफ्ते होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत आतंकवाद से जुड़ी अपनी चिंताएं मजबूती से उठा सकता है. गुरुवारको चीन ने कहा था कि आतंकवाद से मुकाबले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड कोई ऐसा विषय नहीं है जिस पर ब्रिक्स के मंच से चर्चा की जाये. बहरहाल, […]

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नयी दिल्ली : चीन की मेजबानी में अगले हफ्ते होने जा रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत आतंकवाद से जुड़ी अपनी चिंताएं मजबूती से उठा सकता है. गुरुवारको चीन ने कहा था कि आतंकवाद से मुकाबले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड कोई ऐसा विषय नहीं है जिस पर ब्रिक्स के मंच से चर्चा की जाये. बहरहाल, भारत ने इस बात से इनकार नहीं किया कि सोमवार को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात होने की संभावना है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि ऐसे बहुपक्षीय मंचों के इतर द्विपक्षीय मुलाकातें सामान्य चलन है. हालांकि, रवीश ने संभावित मुलाकात का ब्योरा देने से इनकार करते हुए कहा कि वह चीन द्वारा आमंत्रित ब्रिक्स के नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकातों के समय के बारे में या अन्य जानकारी नहीं दे सकते. मोदी तीन सितंबर को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीन रवाना होंगे. सम्मेलन की शुरुआत चार सितंबर को होगी, जहां से मोदी म्यांमार जायेंगे और सात सितंबर को भारत लौटेंगे.

रवीश ने यह भी कहा कि वह पहले से यह नहीं बता सकते कि प्रधानमंत्री मोदी जियामिन में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान क्या बोलेंगे. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी चिंताएं मजबूती से उठा सकता है. भारत की मेजबानी में आयोजित पिछले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी ने पाकिस्तान को दुनिया भर के आतंकवाद की ‘जननी’ कहा था. यह पूछे जाने पर कि अन्य नेताओं के साथ चर्चा के दौरान डोकलाम मुद्दे का भी जिक्र होगा, इस पर रवीश ने कहा कि अभी इस बारे में अटकलें लगाना ‘जल्दबाजी’ होगी. डोकलाम गतिरोध सुलझने के बाद दोनों देश पहली बार शीर्ष स्तर पर संवाद करनेवाले हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन की यात्रा समाप्त करने के बाद म्यांमार जायेंगे. भारत, म्यांमार के साथ आधारभूत ढांचा क्षेत्र, बिजली और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बने को उत्सुक है. विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (म्यांमार एवं बांग्लादेश) श्रीप्रिया रंगनाथन ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी म्यांमार के राष्ट्रपति यूचिन क्वा के निमंत्रण पर पांच से सात सितंबर तक म्यांमार के दौरे पर होंगे. यह मोदी की पहली द्विपक्षीय म्यांमार यात्रा होगी. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने म्यांमार गये थे.

म्यांमार दौरे के दौरान मोदी पारस्परिक हितों पर स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के साथ वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति क्वा से भी मुलाकात करेंगे. प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान म्यांमार से संबंधों को और गहरा बनाने पर चर्चा करेंगे. रंगनाथन ने कहा कि इस अवसर पर विकास की परियोजनाओं को आगे बढाने के विषय पर चर्चा होगी और उनकी समीक्षा भी की जायेगी. इनमें काफी संख्या में ऐसी परियोजनएं हैं, जो लागू होने के उन्नत स्तर पर है और कुछ परियोजनाएं पूरा होने के करीब है. भारत, म्यांमार के साथ आधारभूत ढांचा क्षेत्र, बिजली और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को उत्सुक है. उन्होंने कहा कि भारत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में म्यांमार के साथ सहयोग को और आगे बढ़ायेगा.

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