गुजरात राज्यसभा चुनाव : दो ”मित्रों” के बीच वाघेला ने साधी रणनीतिक चुप्पी, बढ़ायी बेचैनी

Updated:
विज्ञापन
गुजरात राज्यसभा चुनाव : दो  ”मित्रों” के बीच वाघेला ने साधी रणनीतिक चुप्पी, बढ़ायी बेचैनी

अहमदाबाद : कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला नेमंगलवारको गुजरात में होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को लेकर आज चुप्पी साधे रखी, लेकिन यह कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल उनके ‘मित्र ‘ बने हुए हैं. दिलचस्प बात यह कि अकेले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ही […]

विज्ञापन

अहमदाबाद : कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला नेमंगलवारको गुजरात में होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को लेकर आज चुप्पी साधे रखी, लेकिन यह कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार अहमद पटेल उनके ‘मित्र ‘ बने हुए हैं. दिलचस्प बात यह कि अकेले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ही नहींबल्कि भाजपा के शिखर नेता व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके पुराने ‘मित्र ‘हैं.दोनोंकीजोड़ीभाजपामेंएक समय में चर्चा में हुआ करती थी औरतबवाघेला-मोदी एक साथअहमदाबाद-गांधीनगर कीसड़कों पर घूमते थे. वाघेलाउस दौर में भाजपा की राजनीतिमें मोदीकेसीनियर हुआ करते थे.

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री वाघेला ने आज कहा कि वह अब कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में नहीं हैं और इस बात को खारिज कर दिया कि वह राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा सदस्यों के संपर्क में हैं. उनका यह दाव ही कल होने वाले चुनाव को लेकर सस्पेंस बढ़ा रहा है. वे दोनों धड़ों को खारिज कर रहे हैं और उनकी रहस्यमय रणनीतिक चुप्पी सबकी बेचैनी बढ़ा रही है. जिस तीसरी सीट के लिए अहमद पटेल जी-जान एक किये हुए हैं, उससे भाजपा के उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत उनके रिश्तेदार व समधि बताये जा रहे हैं. बलवंत पहले कांग्रेस में ही थे और बीते पखवाड़े वे भाजपा में आये हैं.

जरूर पढ़ें : अहमद पटेल ने शरद पवार की पार्टी एनसीपी को दिया अल्टीमेटम, झोंकी पूरी ताकत

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव पटेल भी उम्मीदवार हैं, जिन्हें जीत के लिए 47 विधायकों का वोट चाहिए. हालांकि उनकी पार्टी के पास 51 विधायक अब भी हैं, लेकिन यह कहना मुश्किल हैं कि उनका रुख किधर होगा और शाह व वाघेला के प्रभाव में किस हद तक हैं.

हाल ही में कांग्रेस के खिलाफ बगावत करने वाले वाघेला ने कहा, ‘ ‘हर एक मतदाता अपने वोट का मालिक है. वोट किसी विधायक की निजी संपत्ति है. ऐसे में मैं इसका खुलासा नहीं करना चाहता कि किसको वोट करूंगा. ‘ ‘ पटेल का 1977 से मित्र होने का उल्लेख करते हुए 77 वर्षीय वाघेला ने कहा, ‘ ‘हम उस समय से मित्र हैं और अब तक मित्र बने हुए हैं. आज भी हमने फोन पर बात की. हमारे संबंध राजनीति तक सीमित नहीं है. ‘ ‘ राज्यसभा चुनाव गुजरात में भाजपा और कांग्रेस के बीच नाक की लड़ाई वाला चुनाव बन गया है. राज्य में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं.

गुजरात में तीन सीटों के राज्यसभा चुनाव में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी उम्मीदवार हैं.

गुजरात की राजनीति का विश्लेषण : अहमद पटेल का गुजरात से राज्यसभा के लिए चुना जाना कितना मुश्किल हो गया है?

पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में वाघेला ने कहा, ‘ ‘भाजपा से किसी प्रस्ताव का कोई सवाल नहीं है. भाजपा के साथ बातचीत की मेरी कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं है. ‘ ‘ भाजपा पर अपने विधायकों को 15 करोड़ रुपये की पेशकश करने के कांग्रेस के दावे पर वाघेला ने कहा कि विधायकों को ‘बिकने वाले सामान ‘ की तरह पेश नहीं आना चाहिए और राजनीतिक पार्टी को भी अपने सदस्यों को स्वतंत्र छोड़ने के लिए उन पर विश्वास करना चाहिए. ‘ ‘ उन्होंने पिछले दिनों गुजरात दौरे पर आए राहुल गांधी की कार पर हुए हमले की निंदा की, हालांकि यह भी कहा किबाढ़ प्रभावित इलाकों में कांग्रेस के विधायकों के मौजूद नहीं होने से लोगों में गुस्सा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola