विदेशी अखबारों में भी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के GST की धूम, जानिये, किस देश में कैसी है चर्चा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्लीः वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) शुक्रवार की आधी रात को लागू हो गया. इस एेतिहासिक आर्थिक सुधार प्रणाली की देश में तो चर्चा हो ही है, लेकिन विदेशी अखबारों ने भी इसे तवज्जो दी है. दुनिया के प्रमुख देश अमेरिका, ब्रिटेन, पाकिस्तान आैर चीन आदि में से अमेरिका, ब्रिटेन आैर पाकिस्तान के समाचार माध्यमों में भारत में पीएम मोदी सरकार के सबसे बड़े सुधार कार्यक्रम जीएसटी की चर्चा तो है, लेकिन पड़ोसी देश चीन खुद को इससे दूर ही रखे हुए है. शुक्रवार की आधी रात को जीएसटी लागू होने की खबर इन चार देशों में से दो अमेरिका आैर ब्रिटेन के समाचार माध्यमों में दिखने को मिला, लेकिन पड़ोसी देश पाकिस्तान आैर चीन के मीडया में इसकी खबर नहीं है.

न्यू याॅर्क टाइम्स ने पीएम मोदी के जीएसटी का किया स्वागत

अमेरिका के प्रमुख अखबारों में शुमार न्यू याॅर्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट आैर यूएस टूडे में से केवल न्यू याॅर्क टाइम्स ने प्रमुखता से शुक्रवार की आधी रात को जीएसटी लागू किये जाने की खबर को प्रकाशित किया है. उसने पीएम नरेंद्र मोदी सरकार की आेर से संसद के केंद्रीय कक्ष में शुक्रवार की आधी रात को लागू किये गये एेतिहासिक जीएसटी के बारे में After Killing Currency, Modi Takes a Leap With India’s Biggest-Ever Tax Overhaul की हेडिंग से खबर को प्रकाशित किया है.

मुंबर्इ से इस अखबार के प्रतिनिधि अतुल लोक ने अपनी इस रिपोर्ट में लिखा है कि एक साल के दौरान यह दूसरा एेसा मौका है, जब भारत की पीएम मोदी की सरकार ने देश के कारोबारी सुधार के लिए एेतिहासिक क्रांतिकारी कदम उठाया है. उन्होंने इस रिपोर्ट में लिखा है कि देश के मौद्रिक बाजार में सुधार के लिए पहले मोदी सरकार ने नोटबंदी को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाया आैर अब बीते कर्इ सालों से चले आ रहे पुराने अनेक करों के प्रणाली में सुधार के लिए आजादी के बाद देश में जीएसटी को लागू किया है.

जीएसटी के सफल होने पर उठा सवाल

अमेरिका के न्यू याॅर्क टाइम्स के बाद ब्रिटेन के प्रमुख समाचार माध्यम बीबीसी हिंदी ने जीएसटी को लेकर दो रिपोर्ट को अपने वेबसाइट पर प्रकाशित किया है. एक रिपोर्ट जीएसटी लागू, अब सरकार के सामने हैं ये 3 बड़ी चुनौतियां नामक शीर्षक से प्रकाशित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि देश में आज से एक जैसा टैक्स सिस्टम यानी जीसटी लागू हो गया है, लेकिन जानकार मानते हैं कि सरकार के लिए आगे की राह खासी मेहनत वाली है. यह समाचार माध्यम आर्थिक मामलों के जानकार आलोक पुराणिक के हवाले से लिखता है कि जीएसटी को लेकर पसरे अज्ञान और कंफ्यूजन के बीच सरकार के सामने अब तीन प्रमुख चुनौतियां हैं. पहली चुनौती बताते हुए वो कहते हैं कि जीएसटी अब ट्रायल मोड से जमीन पर उतर रहा है और अब देखना होगा कि तकनीकी समस्याएं आयेंगी या नहीं और तीन-चार महीने काम करने के बाद ही हम देख पायेंगे कि चीजें किस तरह से चल रही हैं.

2022 में पूरे होंगे आजादी के 75 साल

इसके अलावा, एक दूसरी खबर में बीबीसी हिंदी ने सोशल: जब मोदी ने कहा था -GST कभी सफल नहीं होगा नामक शीर्षक से खबर को प्रकाशित किया है. इस खबर में बीबीसी ने लिखा है कि केंद्र सरकार ने आधी रात को संसद का विशेष सत्र बुलाकर GST को लागू किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, '125 करोड़ भारतीय इस ऐतिहासिक घटना के साक्षी हैं. देश एक नई व्यवस्था की ओर चल पड़ा है. 2022 में भारत अपनी आजादी के 75 साल पूरे करेगा और जीएसटी हमारे लिए मील का पत्थर साबित होगा. जीएसटी केवल आर्थिक सुधार की बात नहीं है, ये आर्थिक सुधारों से आगे बढ़ कर सामाजिक सुधार की बात करता है. GST को भले ही 'गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स' कहा जा रहा है लेकिन असल में ये 'गुड एंड सिंपल टैक्स' है.'

जब मुख्यमंत्री के तौर पर किया था विरोध

इसी खबर में उसने पीएम मोदी के पुराने बयानों के हवाले से यह भी लिखा है कि 'GST कभी सफल नहीं होगा'. पीएम मोदी ने यह बयान तब दिये थे, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे आैर उनकी पार्टी विपक्ष में रहकर जीएसटी का विरोध कर रही थी. बीबीसी ने शुक्रवार की आधी रात को पीएम मोदी के भाषण के संदर्भों को जोड़ते हुए लिखा है कि GST को लेकर पीएम मोदी के ये विचार 2017 के हैं, लेकिन इससे पहले जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वो कुछ मुद्दों को लेकर GST का विरोध कर रहे थे. विपक्षी पार्टी के नेता अब मोदी के पुराने भाषणों के छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं.

2014 में जीएसटी को लेकर मोदी ने कही थी ये बात

कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया, 'मोदी जी, आप इतनी जल्दी अपने शब्द भूल गये. अब आप जीएसटी को बिना सही इंफ्रास्ट्रक्चर के क्यों लागू कर रहे हैं.' पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने केंद्र की यूपीए सरकार से कहा था, 'GST के संबंध में गुजरात और भारतीय जनता पार्टी का रुख बहुत साफ है. आपकी जीएसटी का सपना तब तक साकार नहीं हो सकता, जब तक आप पूरे देश में टैक्स पेयर के साथ आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क नहीं बनाते. ये असंभव है. क्योंकि जीएसटी की सरंचना ही ऐसी है कि हम इसे लागू नहीं कर सकते. GST का सवाल है तो गुजरात और बीजेपी का रवैया शुरू से ही साफ है. जीएसटी कभी सफल नहीं हो सकता. जीएसटी को लेकर जब प्रणब मुखर्जी वित्त मंत्री थे तो मैंने पूछा था इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बिना ये संभव हो सकता है. मुखर्जी का जवाब नहीं था. अगर आपके पास इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नहीं है तभी आप इसे लागू कर सकते हैं. इस योजना को लागू करने के लिए हर जगह 100 फीसदी बिजली सप्लाई जरूरी है. इसके बिना ये संभव नहीं है.' फरवरी 2014 के एक ट्वीट में मोदी ने कहा था, 'GST पर मैंने ये साफ कह दिया है कि भाजपा इसके खिलाफ नहीं है, लेकिन बिना अच्छे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के जीएसटी को लागू करना मुश्किल होगा.'

चीन ने जीएसटी से खुद को रखा दूर

वहीं, दुनिया के इन दो प्रमुख देशों के अलावा पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रमुख अखबार द डाॅन ने शुक्रवार की रात जीएसटी लागू होने की खबर को प्रकाशित तो नहीं किया है, अलबत्ता, वह Indian business braces for disruption amid massive reform शीर्षक से पुरानी खबर को ही जारी किये हुए है. इसके अलावा, दूसरा आैर अहम पड़ोसी देश चीन के सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने जीएसटी की खबरों से खुद को दूर रखने में ही शायद भलार्इ समझा है.

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