24 घंटे में 14 मरीजों की गई जान, नांदेड़ के बाद अब नागपुर का यह अस्पताल बना 'मौत का हॉस्पीटल'

Edited by Pritish Sahay
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नागपुर के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत का मामला सामने आया है. अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि नागपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में बुधवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटों में 14 मरीजों की मौत हुई है.

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Maharashtra News: महाराष्ट्र के सरकारी अस्पतालों में मौत बरस रही है. एक दिन में दर्जनभर से ज्यादा मरीजों की मौत यहां के अस्पतालों में आम बात हो गई है. पहले नांदेड़ के सरकारी अस्पताल में 36 घंटे के अंदर 31 मरीजों की जान चली गई, यह सिलसिला छत्रपति संभाजीनगर के अस्पताल में भी नजर आया, जहां 24 घंटे में 18 लोगों की जान चली गई. इसी कड़ी में अब नागपुर के एक सरकारी अस्पताल में 24 घंटे में 14 मरीजों की मौत का मामला सामने आया है. अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि नागपुर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में बुधवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटों में 14 मरीजों की मौत हुई है.

हर दिन होती है 10 से 12 मरीजों की मौत
इधर, जीएमसीएच के अध्यक्ष डॉ राज गजभिये ने बताया कि अस्पताल की क्षमता 1900 बिस्तरों की है और यहां औसतन 10 से 12 मरीजों की मौत रोजाना होती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस अस्पताल में जिन मरीजों की मौत होती है उनमें से ज्यादातर या तो अंतिम क्षणों में आने वाले मरीज होते हैं या फिर वे होते हैं उन्हें आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि ऐसे मरीजों को गंभीर हालत में ही यहां लाया जाता है.

36 घंटों में 31 मरीजों की मौत
इससे पहले महाराष्ट्र में नांदेड़ के शंकरराव चव्हाण सरकारी अस्पताल में भी मरीजों की मौत का सिलसिला देखने को मिला था. अस्पताल में 36 घंटे में 31 लोगों की मौत का मामला सामने आया है. यह मामला उस समय सामने आया जब 24 घंटे में 24 मरीजों की मौत हो गई. वहीं. अस्पताल में मरीजों की लगातार हो रही मौत के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर लचर स्वास्थ्य व्यवस्था का आरोप लगाया है. साथ ही अस्पताल में हो रही मरीजों की मौत से गुस्साए  परिजन भी लगातार हंगामा कर रहे हैं. उनका आरोप है कि लापरवाही के साथ-साथ अस्पताल में दवा और कर्मियों की कमी के कारण मरीजों की जान जा रही है.

अस्पताल ने दी यह सफाई
यहीं हाल सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जीएमसीएच का है. जहां मंगलवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे के भीतर कम से कम 18 मरीजों की मौत दर्ज की गयी है. हालांकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि 18 लोगों की मौतों में से चार लोगों को अस्पताल में मृत लाया गया था. वहीं, अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ने कहा है कि जान गंवाने वाले 18 लोगों में से दो मरीजों की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई, जबकि दो अन्य निमोनिया से पीड़ित थे.   

भाषा इनपुट से साभार

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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