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UP News: पूर्वांचल में नक्सली नेटवर्क की जांच NIA करेगा, बलिया से गिरफ्तार 5 नक्सलियों पर केस दर्ज किया टेकओवर

Updated at : 23 Nov 2023 9:53 AM (IST)
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UP News: पूर्वांचल में नक्सली नेटवर्क की जांच NIA करेगा, बलिया से गिरफ्तार 5 नक्सलियों पर केस दर्ज किया टेकओवर

एनआईए ने पूर्वांचल नक्सली नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है. वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, चंदौली, आजमगढ़ समेत कई जिलों में नक्सली नेटवर्क फैला हुआ है. यूपी एटीएस ने बलिया में पांच नक्सली पकड़े थे. एनआईए ने उन पांचों नक्सलियों पर केस दर्ज कर डीआईजी के नेतृत्व में जांच शुरू की है.

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यूपी के पूर्वांचल में नक्सलियों (Naxalites) की बढ़ती एक्टिविटी के ठोस प्रमाण (Evidence) मिलने के बाद राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (NIA) ने जांच शुरू कर दी है. यूपी एटीएस (UP ATS) ने बलिया (Ballia) में 16 अगस्त को हथियारों के साथ पांच नक्सलियों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किए थे, जिसकी जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है. लखनऊ स्थित एनआईए के थाने में इस संबंध में नया केस दर्ज कर डीआईजी के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गयी है. बता दें कि इस नेटवर्क के तार वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, चंदौली, आजमगढ़ समेत कई शहरों से जुड़ने के बाद एनआईए ने 5 सितंबर को छापा मारकर अहम सुबूत भी जुटाए थे. इसी बीच यूपी एटीएस को मिले इनपुट के आधार पर 16 अगस्त को बलिया में गोपनीय बैठक कर रहे पांच नक्सलियों तारा देवी, लल्लू राम, सत्य प्रकाश, राममूरत और विनोद साहनी को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया था. इस दौरान उनके पास से नाइन एमएम की पिस्टल, कारतूस, सात मोबाइल, लैपटॉप, प्रतिबंधित संगठन का नक्सली साहित्य, पम्पलेट और दस हजार रुपये बरामद हुए थे. एटीएस ने इनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था, जिसे अब एनआईए ने टेकओवर कर लिया है.

एटीएस की जांच में सामने आया था कि सीपीआई (माओवादी) नक्सली संगठन की केंद्रीय कमेटी के प्रमोद मिश्रा उर्फ बुढऊ उर्फ बन बिहारी उर्फ डॉक्टर साहब ने पूर्वांचल में एडहॉक कमेटी बनाई थी. संगठन के सचिव बलिया निवासी संतोष वर्मा उर्फ मंतोष के जरिए लगाता पूर्वांचल के कई जिलों में महिलाओं और पुरुषों की भर्ती की जा रही थी. साथ ही पूर्वांचल में किसी सरकार विरोधी आंदोलन को चुनकर उसको सशस्त्र आंदोलन में बदलने की साजिश रची जा रही थी. इसके लिए जंगल में हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा था.

गिरफ्तार नक्सलियों के बेहद खतरनाक थे मंसूबे

एटीएस ने जिस तारा देवी उर्फ मंजू उर्फ मनीषा को गिरफ्तार किया है, वह 18 साल से नक्सली घटनाओं में शामिल रह चुकी है. वह नए सक्रिय सदस्यों की भर्ती के लिए नक्सल के एमओ (मास आर्गनाइजेशन) एवं मुखौटा संगठनों के साथियों के साथ मिलकर काम कर रही थी. पुराने भूमिगत सदस्यों के साथ नए लोगों की भर्ती कर रही थी. उनका उद्देश्य भारत सरकार के खिलाफ नक्सली विचारधारा के लोगों को जुटाकर सशस्त्र विद्रोह के जरिए सरकारी व्यवस्था को उखाड़ना था. वह नक्सलियों की सरकार स्थापित करने के लिए अपनी पार्टी भाकपा (माओवादी) के लिए चंदा व लेवी वसूलने व हथियार जमा कर रही थी. केंद्रीय कमेटी के नेताओं के इशारे पर वह बलिया, आजमगढ़, वाराणसी और चंदौली को केंद्र बनाकर यूपी में नक्सली गतिविधियां बढ़ा रहे थे. यूपी के बलिया, मिर्जापुर, गाजीपुर, आजमगढ़, वाराणसी, चंदौली के अलावा बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ के तमाम जिलों में नक्सली गतिविधियों को विस्तार देते हुए भाकपा (माओवादी) का शासन स्थापित करने की साजिश रची जा रही थी. उनके पास से बरामद डायरी में बीते दिनों एनकाउंटर में मारे गए नक्सलियों के नाम और संगठन को होने वाली फंडिंग का विवरण भी मिला था.

नक्सलियों के खिलाफ दर्ज हुए थे दो मुकदमे

यूपी के पूर्वांचल के तमाम जिलों में नक्सलियों की बढ़ती सक्रियता और उनके खतरनाक मंसूबों का पता लगने के बाद एनआईए ने पांच सितंबर को वाराणसी, प्रयागराज, चंदौली, देवरिया, आजमगढ़ समेत कई जिलों में छापा मारा था. इस दौरान तमाम संदिग्ध दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, डायरी, आदि मिलने के बाद एनआईए ने लखनऊ स्थित अपने थाने पर मुकदमा दर्ज किया था. जांच में नक्सली नेटवर्क के तार बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से भी जुड़े होने के प्रमाण मिले थे. एनआईए की जांच में सामने आया था कि बिहार की जेल में बंद प्रमोद मिश्रा पूर्वांचल में नक्सली संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए सीपीआई (माओवादी) कैडर तथा ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यूएस) का नेतृत्व कर रहा था. कोर कमेटी द्वारा प्रमोद मिश्रा को पूर्वांचल के कई फ्रंटल संगठनों और छात्र विंग को संगठित कर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने का काम सौंपा गया था.

बीएचयू से जुड़ी दो छात्राओं से भी हुई पूछताछ

इस मामले में एनआईए द्वारा दर्ज की गई पहली एफआईआर में आरोपी मनीष आजाद और रितेश विद्यार्थी और उनके सहयोगियों विश्वविजय, सीमा आजाद पत्नी विश्वविजय, अमिता शिरीन को नामजद किया गया था. जांच में सामने आया था कि मनीष आजाद, कृपा शंकर, सोनी आजाद, रितेश विद्यार्थी, आकांक्षा आजाद और राजेश आजाद आदि सीपीआई (माओवादी) संगठन को पूर्वांचल में जिंदा करने का प्रयास कर रहे हैं. एनआईए ने भगत सिंह छात्र मोर्चा की बीएचयू से जुड़ी दो छात्राओं आकांक्षा आजाद और सिद्धि से भी पूछताछ की थी. दोनों के कमरे से एक मोबाइल, दो लैपटॉप, पत्रिकाएं और कागजात जब्त किए थे. आकांक्षा आजाद से एनआईए ने लखनऊ में भी पूछताछ की थी. वहीं बिहार पुलिस ने इस संगठन से जुड़ी एक अवैध शस्त्र फैक्ट्री पर छापा मारकर तमाम हथियार बरामद किए थे, जिनका इस्तेमाल यूपी और बिहार में होना था. वहीं बलिया में गिरफ्तार नक्सलियों के तार भी प्रमोद मिश्रा से जुड़े होने की वजह से एनआईए ने एटीएस द्वारा दर्ज मुकदमे को भी टेकओवर कर लिया है.

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Sandeep kumar

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Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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