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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान चर्चा में, मस्जिद है तो त्रिशूल अंदर क्यों?

Updated at : 31 Jul 2023 12:30 PM (IST)
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Gyanvapi Case: ज्ञानवापी मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान चर्चा में, मस्जिद है तो त्रिशूल अंदर क्यों?

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का एक बयान चर्चा में है. उन्होंने एक न्यूज चैनल के पॉडकास्ट में ज्ञानवापी परिसर को लेकर बयान दिया है. उन्होंने मुस्लिम समाज से आह्वान किया है कि वह समाधान के लिये आगे आएं.

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लखनऊ: ज्ञानवापी मामले में सीएम योगी का एक बयान चर्चा में आ गया है. एक एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा. भगवान ने जिसको दृष्टि दी है वो देखे ना. त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है. हमने तो नहीं रखे हैं ना. ज्योर्तिलिंग हैं देव प्रतिमाएं हैं पूरी दीवारें चिल्ला-चिल्ला कर क्या कह रही हैं. और मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहब ऐतिहासिक गलती हुई है. उस गलती के लिये हम चाहते हैं समाधान हो.’

लोग वेस्ट बंगाल बनाना चाहते हैं देश को

मैं पिछले सवा छह वर्ष से अधिक समय से उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री हूं और 2017 से उत्तर प्रदेश में कोई दंगा तो नहीं हुआ. बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग देखें तो कैसे चुनाव होने हैं. नगर निकाय का चुनाव, पंचायत चुनाव, यूपी का विधानसभा चुनाव और वेस्ट बंगल में अभी पंचायत चुनाव हुए, क्या हाल हुआ था. वे लोग वेस्ट बंगाल बनाना चाहते हैं देश को, जिस प्रकार से वेस्ट बंगाल में टीएमसी की गवर्नमेंट ने किया था, कुछ लोग सत्ता में आकर जबरन पूरी व्यवस्था को कैद कर देना चाहते हैं.

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I-N-D-I-A पर बोले, चोला बदलने से पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिलेगी

उन्होंने कहा कि जो वेस्ट बंगाल में देखने को मिला, कैसे वहां विरोधी दलों के कार्यकर्ताओं को मारा गया, ये चीजें आंखों को खोलने वाली हैं. इस पर तो कोई बोलता नहीं. 1990 में जो कुछ कश्मीर में हुआ, उस पर सब पे सब लोग मौन थे. आखिर ये दोहरा दृष्टिकोण क्यों. I-N-D-I-A पर पूछे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये जो डॉट डॉट डॉट ग्रुप है, चोला बदलने से पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिल जाएगी.

देश संविधान से चलेगा, किसी मत और मजहब से नहीं

सीएम योगी ने इस विशेष इंटरव्यू में कहा कि देश संविधान से चलेगा, मत और मजहब से नहीं चलेगा. मैं ईश्वर का भक्त हूं लेकिन किसी पाखंड में विश्वास नहीं करता हूं. आपका मत आपका मजहब अपने तरीके से होगा. अपने घर में होगा, अपनी मस्जिद, अपने इबादतगाह तक होगा. सड़क पर प्रदर्शन करने के लिये नहीं और इसको आप जो है किसी भी अन्य तरीके से दूसरे पर थोप नहीं सकते हैं. उन्होंने कहा कि नेशनल फर्स्ट, अगर देश में किसी को रहना है तो उसको राष्ट्र को सर्वोपरी मानना होगा. अपने मत और मजहब को नहीं.

चोला बदलकर देश को भ्रमित करना चाहते हैं

सीएम योगी आदित्यनाथ बातचीत में विपक्षी गठबंधन पर भी हमलावर रहे. उन्होंने कहा कि इसे इंडिया नहीं बोलना चाहिए. आई डॉट, एन डॉट, डी डॉट, यह डॉट डॉट डॉट डॉट ग्रुप है. चोला बदलने से पिछले कर्मों से मुक्ति नहीं मिल जाएगी. जनता तो पुराने करामातों को देख रही है, वह करामात यूपीए, कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी का हो या तृणमूल कांग्रेस का. इन लोगों ने क्या गदर मचा रखी है. सबकी एक जैसी स्थिति है. यह लोग चोला बदलकर देश को भ्रमित करना चाहते हैं पर देश की जनता लोकतांत्रिक दृष्टि से बहुत परिपक्व है.

टीम इंडिया के कैप्टन के रूप में देश को नेतृत्व दे रहे पीएम मोदी

एक सवाल के रूप में सीएम योगी ने कहा कि नरेंद्र मोदी हमारे व टीम इंडिया के कैप्टन हैं. वे देश को नेतृत्व दे रहे हैं. भाजपा से जुड़े हमारे सभी गठबंधन दलों ने उन्हें एक नेता के रूप में माना है. जातिवाद, परिवारवाद से सामाजिक न्याय नहीं आएगा. हमारा ध्येय रहा है कि गरीब को न्याय, मकान, राशन, स्वास्थ्य, युवा को रोजगार मिले, किसान के जीवन में खुशहाली आए. महिला को सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार मिले.

ओवैसी बोले सीएम योगी का बयान विवादस्पद

ज्ञानवापी मामले में असुदद्दीन ओवैसी का बयान आ गया है. सीएम योगी के बयान के बाद ओवैसी ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान विवादास्पद है. ये इनकी राजनीति का हिस्सा है. सीएम योगी को कानून मानना चाहिए. सीएम योगी को पढ़ना चाहिए कि स्वामी विवेकानंद ने क्या कहा?

मौर्य बोले, जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता वो ज्ञानवापी मस्जिद है 

उधर ज्ञानवापी मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा है कि ज्ञानवापी मस्जिद है इसलिए मामला कोर्ट पहुंचा है. अगर मस्जिद ना होती तो केस कोर्ट में नहीं जाता. 5 वक्त की नमाज वहां अभी भी पढ़ी जा रही है. जबतक कोर्ट का फैसला नहीं आता वो ज्ञानवापी मस्जिद है. सीएम योगी उच्च न्यायालय से बड़े नही हैं.

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Amit Yadav

लेखक के बारे में

By Amit Yadav

UP Head (Asst. Editor)

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